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​Garhwa News: चार घंटे में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, मां के बाद बेटी की रहस्यमय मौत से दहला मझिआंव

​Garhwa: झारखंड के गढ़वा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सोमवार की रात मां और बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महज चार घंटे के भीतर हुई इन दो मौतों ने पुलिस और प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

​वह काली रात

​गढ़वा जिले के मझिआंव थाना क्षेत्र के कामत गांव में सोमवार की रात जो हुआ, उसने हर किसी को सन्न कर दिया है। मस्जिद के पास स्थित एक घर में रहने वाली 35 वर्षीय आसमीन खातून और उनकी 8 वर्षीय बेटी अन्नी फातिमा की मौत एक पहेली बन गई है।

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​जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात सब कुछ सामान्य था। आसमीन खातून ने अपनी दोनों बेटियों, अन्नी फातिमा और 6 वर्षीय अल्सीब्बा खातून के साथ रात का भोजन किया। खाना खाने के बाद तीनों मां-बेटियां अपने कमरे में सोने चली गईं।

​देर रात अचानक आसमीन खातून की तबीयत बिगड़ने लगी। मां की हालत देख बड़ी बेटी अन्नी फातिमा ने घबराकर दरवाजा खोला और घर के दूसरे कमरों में सो रहे परिजनों को आवाज दी। परिजन आनन-फानन में आसमीन को लेकर मझिआंव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आसमीन को मृत घोषित कर दिया।

​अभी परिवार मां की मौत के सदमे से बाहर भी नहीं आ पाया था कि ठीक चार घंटे बाद एक और वज्रपात हुआ। सुबह होते-होते 8 वर्षीय अन्नी फातिमा की भी तबीयत उसी तरह बिगड़ी और उसने भी दम तोड़ दिया। उसे भी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।

​कौन-कौन था घर में मौजूद?

​इस घटना के बाद से ही घर के अंदर मौजूद लोगों और परिस्थितियों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि मृतका आसमीन खातून का पति सऊद खान रोजी-रोटी के सिलसिले में बेंगलुरु में रहता है।

​घटना वाली रात घर में आसमीन और उसकी बेटियों के अलावा निम्नलिखित सदस्य मौजूद थे:

  • ​मृतका के देवर शाहिद खान
  • ​देवरानी तमन्ना बीबी
  • ​सास मकसूदा बीबी
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​इस पूरे घटनाक्रम में परिवार की छोटी बेटी, 6 वर्षीय अल्सीब्बा खातून ही अब जीवित बची है। दोनों बहनें राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय पृथ्वीपुर में पढ़ती थीं; अन्नी कक्षा 3 में और अल्सीब्बा कक्षा 1 की छात्रा है।

​मायके वालों का गंभीर आरोप: हत्या या साजिश?

​घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए। आसमीन का मायका पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के कररिया गांव में है। मां और नन्ही भांजी की एक साथ मौत देखकर मायके पक्ष का गुस्सा फूट पड़ा।

​मायके वालों ने इसे स्वाभाविक मौत मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह मौत नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। उनका कहना है कि पारिवारिक विवाद के चलते मां-बेटी को जहर देकर मारा गया है। हालांकि, अभी तक पुलिस को उनकी तरफ से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

​पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

​दो मौतों की सूचना मिलते ही मझिआंव पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस इंस्पेक्टर बृज कुमार और थाना प्रभारी ओमप्रकाश टोप्पो दलबल के साथ तुरंत घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की।

​इसके बाद, मां और बेटी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है, लेकिन अभी तक वहां से कोई ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला है जो किसी नतीजे पर पहुंचा सके।

​अधिकारी क्या कहते हैं?

​इस रहस्यमयी मामले पर पुलिस इंस्पेक्टर बृज कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

​“मामला बेहद संवेदनशील और संदिग्ध है। यह हत्या है या आत्महत्या, या फिर फूड पॉइजनिंग जैसा कोई मामला, यह अभी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। घटनास्थल से फिलहाल कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले हैं। हमने शवों का पोस्टमार्टम करवा लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

​इलाके में दहशत और सवाल

​कामत गांव में एक ही घर से दो अर्थियां उठने के बाद मातम पसरा हुआ है। हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है—आखिर उस रात कमरे में ऐसा क्या हुआ था?

  • ​क्या भोजन में कोई जहरीला पदार्थ था?
  • ​अगर भोजन दूषित था, तो छोटी बेटी अल्सीब्बा कैसे बच गई?
  • ​मां की मौत के ठीक 4 घंटे बाद बेटी की मौत का क्या कनेक्शन है?
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​स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि 6 साल की मासूम अल्सीब्बा को न्याय मिल सके, जिसने एक ही रात में अपनी मां और बड़ी बहन को खो दिया।

​फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) का इंतजार कर रही है। विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही मायके पक्ष या किसी अन्य की तरफ से लिखित शिकायत (FIR) मिलेगी, मामले में नामजद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। तब तक पुलिस इसे ‘अस्वाभाविक मौत’ (Unnatural Death) का मामला मानकर जांच कर रही है।

​गढ़वा के मझिआंव में मां-बेटी की यह मौत एक गहरा रहस्य छोड़ गई है। एक हंसता-खेलता परिवार बिखर गया है और पिता बेंगलुरु में बेबस है। अब सारी उम्मीदें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह महज एक हादसा था या कोई गहरी साजिश? इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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