डुमरी की एक मां को नहीं मिल रहा इंसाफ, थाने के सामने अनशन पर बैठी पीड़िता

डुमरी की मां को नहीं मिल रहा इंसाफ, थाने के सामने अनशन पर बैठी पीड़िता

Bokaro: डुमरी विधानसभा क्षेत्र की एक माँ न्याय की उम्मीद में पिछले आठ महीनों से भटक रही है। ग्राम हसनडीह, थाना नारायणपुर, जिला बोकारो की निवासी रुकवा देवी ने अपने 6 वर्षीय बेटे डेविड राज की हत्या के आरोपियों को अब तक सजा न मिलने से आहत होकर 18 जुलाई से नारायणपुर थाना परिसर के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

रुकवा देवी का आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में हुई इस हत्या के तुरंत बाद नारायणपुर थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। उन्होंने थाना प्रभारी को दो बार लिखित आवेदन भी सौंपा था, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई।

पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप

पीड़िता का कहना है कि थाने में दर्ज एफआईआर में आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, इसके बावजूद पुलिस ने कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पुलिस पर उदासीनता और निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो पुलिस ने उन्हें कोई सूचना दी और न ही परिवार से कोई संवाद किया।

रुकवा देवी का दावा है कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी पत्र लिखा है। 16 जुलाई 2025 को भेजे गए इस पत्र पर मुख्यमंत्री सचिवालय की मुहर भी लगी हुई है, जो दर्शाता है कि मामला सरकार के संज्ञान में आ चुका है।

“यह मेरी अंतिम लड़ाई है” – माँ रुकवा देवी

रुकवा देवी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसके बेटे के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि यह न्याय की लड़ाई है और वह पीछे नहीं हटेंगी। परिवार भी इस संघर्ष में उनके साथ खड़ा है और डुमरी के स्थानीय लोग भी उनके समर्थन में आवाज़ उठा रहे हैं।

डेविड राज की हत्या ने गाँव में मातम का माहौल बना दिया है। आठ महीने बीत जाने के बाद भी जब न्याय नहीं मिला, तो परिवार ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनता के लिए न्याय अब भी दूर की कौड़ी?

इस मामले ने एक बार फिर यह चिंतन आवश्यक कर दिया है कि क्या आम आदमी को न्याय मिलना अब भी एक संघर्षमय प्रक्रिया बन गई है? प्रशासनिक चुप्पी और पुलिस की निष्क्रियता से पीड़ित परिवार को केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, जबकि न्याय अब भी अधूरा है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि रुकवा देवी के आमरण अनशन के बाद क्या शासन-प्रशासन जागेगा और क्या मासूम डेविड राज को न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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