New Delhi | दिल्ली-NCR में एक बार फिर प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में घनी स्मॉग की परत छाई रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए CAQM ने GRAP स्टेज-IV के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से ही जहरीली धुंध की मोटी चादर नजर आई। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली के ITO, पालम एयरपोर्ट, गाजीपुर, कर्तव्य पथ, INA, अक्षरधाम और AIIMS जैसे इलाकों में AQI 409 से 447 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
सुबह के समय सड़कों पर विजिबिलिटी बेहद कम रही। खासकर यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्मॉग के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले में खराश की शिकायतें भी बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने का असर मिलकर हालात को और गंभीर बना रहा है।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा और शीतलहर का असर बना हुआ है। अयोध्या, मुरादाबाद, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में भी घना कोहरा देखा गया, जहां न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।
प्रशासन / सरकार / विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में GRAP स्टेज-IV लागू कर दिया है। इसके तहत:
- निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े सभी गैर-जरूरी कार्यों पर रोक
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध
- सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा
- खुले में कचरा जलाने पर सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
आमजन पर असर (Impact)
प्रदूषण का सीधा असर आम लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई इलाकों में सुबह-शाम ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा, मुरादाबाद, कानपुर और प्रयागराज में भी घना कोहरा छाया रहा। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन जैसे इलाकों में भी हल्की धुंध देखी गई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक हवा की गति कम रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषण में तत्काल राहत की उम्मीद कम है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर हवा चलने और हालात में आंशिक सुधार की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और मास्क का उपयोग करें।
दिल्ली-NCR में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। AQI के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद लागू किए गए सख्त प्रतिबंध आने वाले दिनों में हालात सुधारने में कितने प्रभावी होंगे, इस पर सबकी नजर टिकी है।










