बिहार में कुदरत का ‘डबल अटैक’: 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 85km की रफ्तार से हवाएं और बारिश, अब क्या होगा?

बिहार में कुदरत का 'डबल अटैक': 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 85km की रफ्तार से हवाएं और बारिश, अब क्या होगा?

Patna | बिहार के आसमान में अगले 48 घंटे भारी पड़ने वाले हैं। भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली है कि कहीं राहत है तो कहीं तबाही का खौफ। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 19 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और वज्रपात का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।

राजधानी पटना समेत कई जिलों में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सवाल यह है कि क्या यह मानसून की दस्तक है या चक्रवाती असर? आखिर क्यों मई की तपती धूप के बीच बिहार ‘वॉटर किंगडम’ बनने की ओर अग्रसर है?

इन 19 जिलों में ‘हाई अलर्ट’: घर से निकलने से पहले सावधान!

मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बिहार के दो हिस्सों में मौसम का सबसे ज्यादा असर दिखेगा।

1. भारी बारिश और आंधी का क्षेत्र (ऑरेंज अलर्ट): किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और बांका में स्थिति गंभीर रह सकती है। यहां मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना है।

2. वज्रपात और तेज हवाओं का जोखिम: सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर और जमुई में भी प्रशासन को मुस्तैद रहने को कहा गया है।

तापमान का ‘रोलर कोस्टर’: 6 डिग्री तक आएगी गिरावट

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

  • फिलहाल स्थिति: पिछले 24 घंटे में डेहरी 38.4 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि मोतिहारी में पारा 19.2 डिग्री तक लुढ़क गया।
  • आगे क्या: अगले 2-3 दिनों तक तापमान में गिरावट रहेगी, लेकिन उसके बाद फिर से 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ ‘लू’ (Heatwave) जैसे हालात लौट सकते हैं।

जब 85kmph की हवा ने हिला दी राजधानी

बीती रात पटना में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने शहर के कई हिस्सों में पेड़ों और होर्डिंग्स को धराशायी कर दिया। ग्रामीण इलाकों में फसलों को भारी नुकसान की खबर है। खासकर आम और लीची के किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश किसी ‘आफत’ से कम नहीं है।

विशेषज्ञ की राय: “बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पछुआ हवा के मिलन के कारण बिहार के ऊपर एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। यह स्थिति अगले 48 घंटों तक बनी रहेगी।”

आम आदमी पर क्या होगा असर?

  1. बिजली आपूर्ति: तेज हवाओं के कारण ग्रामीण इलाकों में 10-12 घंटे तक बिजली गुल रह सकती है।
  2. यातायात: विजिबिलिटी कम होने और सड़कों पर जलजमाव से परिवहन की रफ्तार सुस्त होगी।
  3. खेती: पक कर तैयार फसलों और फलों के बगीचों पर ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है।

सतर्कता ही बचाव है

बिहार में मौसम का यह मिजाज अभी और चौंकाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मेघ गर्जन के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। यह केवल बारिश नहीं है, बल्कि अचानक गिरते तापमान और बढ़ती आर्द्रता (Humidity) के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी चेतावनी है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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