Ranchi | बांग्लादेश में घटी एक गंभीर और संवेदनशील घटना के विरोध में राजधानी रांची में बुधवार को आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के बाद देशभर में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान किया है।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इस घटना के विरोध में 24 दिसंबर 2025, बुधवार को रांची में प्रदर्शन की घोषणा की है। प्रदर्शन दोपहर 3:30 बजे जिला स्कूल रांची से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक निकाला जाएगा। आयोजकों ने रांची महानगर के समस्त हिंदू समाज से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसी घटनाएं मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों के विपरीत हैं और इन पर चुप्पी नहीं साधी जा सकती।
बांग्लादेश में तनाव और राजनयिक हलचल
बांग्लादेश में हाल के दिनों में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। कुछ दिन पहले प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन भड़क उठे थे। इसी दौरान ईशनिंदा की अफवाहों के बीच हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि बाद में उसके शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया गया।
इन घटनाओं के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्ला को मंगलवार को फिर से तलब किया। यह दूसरी बार है जब मौजूदा तनाव के बीच उन्हें बुलाया गया है।
इससे पहले भारत में बांग्लादेश के राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के मद्देनजर बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था। दोनों देशों ने एक-दूसरे की सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर औपचारिक बातचीत की।
17 दिसंबर को उस्मान हादी की गोलीबारी के बाद भारतीय उच्चायोग ने एक दिन के लिए अपनी वीजा सेवाएं स्थगित कर दी थीं। यह फैसला तब लिया गया था, जब ‘जुलाई ओइक्या’ के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग को घेरने की घोषणा की थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हादी के हत्यारे भारत भाग गए हैं।
इसी बीच नई दिल्ली और सिलीगुड़ी में बांग्लादेशी मिशनों के बाहर भी प्रदर्शन हुए। इसके बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने उच्चायोग द्वारा वीजा जारी करने पर अनिश्चितकालीन रोक लगा दी। उच्चायोग के बाहर लगाए गए नोटिस में सभी सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित रखने की जानकारी दी गई।
बांग्लादेश ने भारत में अपने राजनयिक मिशनों पर हुए कथित हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। ढाका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं और इससे आपसी सम्मान व शांति के मूल्यों को ठेस पहुंचती है। बांग्लादेश का यह भी आरोप है कि भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कुछ बयान भड़काऊ हैं।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश की घटना का असर अब सड़क से लेकर कूटनीतिक स्तर तक दिखने लगा है। रांची में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।









