चक्रवात ‘मोंथा’ से फसलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

चक्रवात 'मोंथा' से फसलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

Ranchi: जिला प्रशासन ने बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा और तेज हवाएं (60 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक) ला सकता है, जिससे धान, मक्का, सब्जी और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्कता और तैयारी के साथ इस प्राकृतिक आपदा का सामना करें। जिला कृषि कार्यालय और कृषि विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और किसानों को आवश्यक जानकारी देने में जुटे हैं।

फसलों की सुरक्षा हेतु जरूरी दिशा-निर्देश

जिला प्रशासन ने किसानों को चार मुख्य श्रेणियों में सलाहें दी हैं — फसल, सब्जी, पशुधन और संसाधन सुरक्षा के लिए।

(1) कटी फसलों की सुरक्षा: जिन खेतों में धान, मक्का या अन्य फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, उन्हें खेतों में खुले में न छोड़ें। फसलों को काटकर सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें। अगर फसल हवा से झुक गई है, तो उसे प्लास्टिक शीट या तिरपाल से ढककर वर्षा से बचाएं।

(2) सब्जियों के लिए विशेष सतर्कता: सब्जी उत्पादकों को सलाह दी गई है कि वे पौधों को हल्के डंडों से सहारा दें ताकि हवा से गिर न जाएं। पॉलीहाउस या नेट हाउस को मजबूत करें और रस्सी या लोहे के तार से अतिरिक्त सहारा लगाएं। नदी या नालों के किनारे लगी फसलों के लिए विशेष एहतियात बरतें।

(3) पशुधन एवं संसाधनों की सुरक्षा: पशुओं को खुले में न रखें, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण दें। चारा और पानी की व्यवस्था पहले से कर लें। साथ ही, सिंचाई पंप, ट्रैक्टर, और अन्य कृषि उपकरणों को ऊंचे स्थानों पर रखकर वर्षा या बाढ़ के पानी से बचाएं।

(4) बुआई पर रोक: सब्जियों की नई बुआई फिलहाल रोक दें। यदि आलू की बुआई की जा चुकी है, तो खेतों की मेढ़ को काटकर पानी निकासी का मार्ग बना लें, ताकि फसलों में जलजमाव न हो।

बीमा योजना और सहायता के लिए संपर्क करें

जिले के सभी किसान जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि यदि उनकी फसलों को नुकसान होता है तो 72 घंटे के भीतर उसका फोटो या वीडियो प्रमाण सहित विभाग को सूचित करें। किसान सीधे टॉल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर दावा दर्ज कर सकते हैं।

इसके अलावा, किसान जिला कृषि पदाधिकारी, रांची (मोबाइल नंबर – 9431427940) से संपर्क कर भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि हर प्रभावित किसान को राहत देने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।

जिला प्रशासन ने यह दोहराया है कि किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सामूहिक प्रयासों और सही कदमों के साथ इस आपदा का मुकाबला किया जा सकता है। प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सतर्क है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में तत्काल मदद मिले।

चक्रवात ‘मोंथा’ भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन सावधानी, तैयारी और प्रशासनिक सहयोग से फसलों और पशुधन को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। किसानों से अपील है कि वे दी गई एडवाइजरी का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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