Aaj Ka Mausam | नए साल के दूसरे दिन उत्तर भारत के मौसम ने करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, यानी 2 जनवरी को देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। जहाँ एक तरफ दिल्ली में शीतलहर (Cold Wave) की वापसी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है। पंजाब से लेकर बिहार तक घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।
उत्तर भारत में ‘कोल्ड डे’ और घने कोहरे का डबल अटैक
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके अगले 5 से 7 दिनों तक सूरज के दर्शन के लिए तरस सकते हैं। IMD ने स्पष्ट किया है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के बड़े भू-भाग में ‘घना से बहुत घना कोहरा’ (Dense to Very Dense Fog) छाया रहेगा।
दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अगले 3 से 4 दिनों तक सुबह और रात के समय घने कोहरे की चादर लिपटी रहेगी। प्रशासन ने हाईवे पर वाहन चलाने वालों को विशेष सावधानी बरतने और फॉग लाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी है।
दिल्ली में 5 जनवरी तक शीतलहर का यलो अलर्ट
देश की राजधानी दिल्ली में ठंड का प्रकोप और बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में 2 जनवरी से 5 जनवरी के बीच ‘शीतलहर’ चलने का अनुमान जताया है।
IMD के मानकों के अनुसार, शीतलहर की घोषणा तब की जाती है जब न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाता है। दिल्ली में गिरते पारे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 6 जनवरी तक राजधानी में सुबह और रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम रहने का अनुमान है, जिससे सुबह ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पहाड़ों पर जन्नत जैसा नजारा: कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी
पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह मुश्किल का सबब है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम सुहावना हो गया है।
ताज़ा अपडेट:
- कश्मीर: घाटी के पर्यटन स्थलों गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग में नए साल का स्वागत ताजा बर्फबारी के साथ हुआ है।
- पूर्वानुमान: आज, 2 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और भारी बर्फबारी की प्रबल संभावना है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन इसका बचा-कुचा प्रभाव शुक्रवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश या हिमपात के रूप में देखा जाएगा।
राजस्थान और बिहार में भी लुढ़का पारा
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में सर्दी का सितम जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक राज्य के बड़े हिस्से में इतना घना कोहरा छाएगा कि विजिबिलिटी 100 मीटर से भी नीचे जा सकती है।
- शेखावाटी में ठिठुरन: 4 से 6 जनवरी के बीच शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, चूरू, झुंझुनू) में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे यहाँ शीतलहर की स्थिति बनेगी।
- बिहार का हाल: बिहार के लोगों को भी ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। 2 और 3 जनवरी के दौरान बिहार के कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति रहने की आशंका जताई गई है। पछुआ हवाओं के कारण कनकनी और बढ़ेगी।
कोहरे और ठंड का कारण क्या है? (वैज्ञानिक दृष्टिकोण)
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में उत्तर भारत में बन रही इस स्थिति के पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं:
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): यह भूमध्य सागर से उठने वाला एक तूफान है जो भारत के पहाड़ी इलाकों में नमी और बर्फबारी लाता है। जब यह सिस्टम आगे बढ़ता है, तो अपने पीछे ठंडी हवाएं छोड़ जाता है।
- नमी और कम तापमान: बारिश और बर्फबारी के बाद हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई है। जब यह नमी रात के गिरते तापमान के संपर्क में आती है, तो घने कोहरे (Fog) का निर्माण होता है। इसी वजह से इंडो-जेनेटिक प्लेन्स (गंगा के मैदानी इलाकों) में कोहरे की मोटी परत दिखाई दे रही है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं:
- वाहन चलाते समय: कोहरे में लो-बीम लाइट और फॉग लैंप का इस्तेमाल करें। गति सीमा नियंत्रित रखें।
- स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर (Morning Walk) से बचने की सलाह दी गई है। अस्थमा और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- कपड़े: लेयर्ड (Layered) ऊनी कपड़े पहनें, ताकि शरीर की गर्मी बाहर न निकल सके।
- खान-पान: शरीर को गर्म रखने के लिए गुनगुना पानी, अदरक, तुलसी और मौसमी फलों का सेवन बढ़ाएं।
मौसम विभाग के अनुसार, 6 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद आसमान साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, आसमान साफ होते ही रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे गलन वाली ठंड बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को मकर संक्रांति तक इसी तरह के मिले-जुले मौसम (कोहरा और धूप) के लिए तैयार रहना चाहिए।
निष्कर्ष: अगले एक हफ्ते तक उत्तर भारत में मौसम का मिजाज सख्त रहने वाला है। यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ट्रेनों और उड़ानों की स्थिति (Status) चेक करके ही घर से निकलें। मौसम से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट के साथ बने रहें।










