रांची/झारखंड: झारखंड के मौसम ने आज ऐसी करवट ली है कि लोग समझ नहीं पा रहे कि छाता निकालें या कूलर की स्पीड बढ़ाएं। एक तरफ जहां डालटेनगंज 39.0°C के साथ भट्टी की तरह तप रहा है, वहीं जमशेदपुर और बोकारो के कुछ इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट ने राज्य के कई जिलों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसका सीधा असर आपकी छुट्टियों और कामकाज पर पड़ने वाला है।
गर्मी का टॉर्चर और बारिश का प्रहार: एक साथ दो मौसम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां डालटेनगंज में पारा 39 डिग्री पहुंच गया है, वहीं जमशेदपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान 24.4 मिमी की जोरदार बारिश दर्ज की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि रांची के कांके में न्यूनतम तापमान गिरकर 17.4°C तक आ गया है, जिसने मई के महीने में भी सुबह-सुबह हल्की सिहरन पैदा कर दी है।
कहां कितनी हुई बारिश? इन इलाकों में दिखा कुदरत का रौद्र रूप
मौसम केंद्र बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का अहसास हुआ है। सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाके इस प्रकार हैं:
- नवाडीह (बोकारो): 39.0 मिमी
- खलारी (रांची): 37.0 मिमी
- पुपंकी (धनबाद): 31.6 मिमी
- जमशेदपुर: 24.4 मिमी
बारिश के साथ कई जगहों पर तेज हवाएं भी चलीं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। अचानक हुई इस बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत तो दी, लेकिन निचले इलाकों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
पारा लुढ़का लेकिन डालटेनगंज अब भी सबसे गर्म
हैरानी की बात यह है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से -2°C से -7°C तक नीचे चल रहा है।
- रांची: यहां अधिकतम तापमान 33.8°C रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है।
- बोकारो थर्मल: यहाँ पारा सामान्य से 7.1 डिग्री नीचे गिरकर 33.1°C पर आ गया है।
- साहिबगंज और दुमका: यहां भी तापमान 37.0°C के आसपास बना हुआ है।
विजिबिलिटी और आवाजाही पर असर
रांची के मौसम केंद्र (MC Ranchi) ने बताया कि शहर में न्यूनतम दृश्यता (Visibility) 1500 मीटर तक गिर गई। धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की वजह से वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलानी पड़ी।
अगले 24 घंटे: क्या फिर होगी बारिश या बढ़ेगी तपिश?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि झारखंड के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और नमी की वजह से अभी एक-दो दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।
- किसानों को सलाह: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- आम जनता के लिए: दोपहर में गर्मी और शाम को अचानक बारिश के कारण वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, सेहत का ख्याल रखें।
सिस्टम का अगला कदम: प्रशासन ने नगर निगमों को जलजमाव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज साफ रखने और आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।










