सवालों पर बवाल: मंत्री इरफान अंसारी समर्थकों ने पत्रकार को क्यों पीटा? रांची प्रेस क्लब ने दी चेतावनी—अब आर-पार की जंग!

सवालों पर बवाल: मंत्री इरफान अंसारी के सामने पत्रकार को क्यों पीटा? रांची प्रेस क्लब ने दी चेतावनी—अब आर-पार की जंग!

राँची/हजारीबाग: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा हजारीबाग में एक प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल के पत्रकार के साथ की गई बर्बरतापूर्ण मारपीट ने पूरे प्रदेश के पत्रकार जगत को आंदोलित कर दिया है। इस घटना को लेकर रांची प्रेस क्लब और भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ ने देर रात तीखी प्रतिक्रिया जारी करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है।

सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों का धर्म: रांची प्रेस क्लब

रांची प्रेस क्लब ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारिता का धर्म सवाल पूछना है, और ठीक उसी तरह जनता के वोट से चुने गए प्रतिनिधियों का धर्म उन सवालों के जवाब देना है।

प्रेस क्लब के सचिव ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा:

“हजारीबाग की घटना न केवल दुखद है बल्कि सीधे-सीधे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है। मंत्री इरफान अंसारी अपने समर्थकों के इस कृत्य के लिए अविलंब माफी मांगें। साथ ही, मंत्री उन हमलावरों को पुलिस के हवाले कर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन सुनिश्चित करें।”

प्रेस क्लब ने यह भी संकल्प दोहराया है कि वे पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास के लिए कटिबद्ध हैं।

सत्ता के संरक्षण में आवाज दबाने का प्रयास: भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ

दूसरी ओर, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ ने इस घटना को लोकतंत्र पर कायराना प्रहार करार दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने संयुक्त बयान जारी कर सरकार को सीधी चेतावनी दी है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा:

  • जांच और गिरफ्तारी: स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और उनके दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए।
  • मुंहतोड़ जवाब: अगर सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने की कोशिश हुई, तो पत्रकार समाज चुप नहीं बैठेगा और इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
  • आंदोलन की चेतावनी: यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संघ चरणबद्ध तरीके से सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

क्या है पूरा मामला?

ज्ञात हो कि मंगलवार को हजारीबाग में चतरा एयर एम्बुलेंस हादसे से जुड़े तीखे सवाल पूछने पर मंत्री इरफान अंसारी के समर्थक उग्र हो गए थे। आरोप है कि मंत्री की मौजूदगी में ही पत्रकार सुशांत सोनी को बेरहमी से पीटा गया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ने के साथ-साथ एक बड़े पत्रकार आंदोलन का रूप ले लिया है। झारखंड के विभिन्न जिलों के पत्रकारों ने एकजुट होकर दोषियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की मांग की है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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