झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक 2026 के नतीजों के साथ पूरे राज्य को चौंका दिया है। इस बार केवल एक नहीं, बल्कि 4 धुरंधरों ने 99.60% अंक लाकर संयुक्त रूप से राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। हजारीबाग की प्रियांशु से लेकर सिमडेगा की शिवांगी तक, इस रिजल्ट ने साबित कर दिया है कि झारखंड के छोटे शहरों और गांवों की प्रतिभा अब किसी के रोके नहीं रुकने वाली।
इस साल के नतीजों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। कुल 2.26 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने फर्स्ट डिवीजन हासिल कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। खास बात यह है कि टॉप 3 की रेस में इस बार सरकारी और निजी स्कूलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है, जहाँ लड़कियों ने एक बार फिर अपना परचम बुलंद किया है।
99.60% का जादुई आंकड़ा: जब 4 छात्र बने ‘झारखंड टॉपर’
JAC 10th Result की मेरिट लिस्ट में इस बार अद्भुत संयोग देखने को मिला है। कुल 4 छात्रों ने 500 में से 498 अंक हासिल कर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है।
ये हैं झारखंड के वो ‘गोल्डन बॉयज और गर्ल्स’:
- प्रियांशु कुमारी: इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग
- शिवांगी कुमारी: एसएस हाई स्कूल, बानो, सिमडेगा
- प्रेम कुमार साहू: प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, रांची
- सनी कुमार वर्मा: सेंट एलॉयसियस हाई स्कूल, रांची
इन चारों ने न केवल अपने स्कूलों का, बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। इनके बीच का फासला महज अंकों का नहीं, बल्कि कड़ी तपस्या का है जिसने इन्हें इस मुकाम पर पहुँचाया है।
हजारीबाग और सिमडेगा का दबदबा, रांची भी पीछे नहीं
मेरिट लिस्ट का विश्लेषण करें तो हजारीबाग का इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल इस बार भी ‘टॉपर फैक्ट्री’ बनकर उभरा है। टॉप 3 रैंक में इस स्कूल की कई छात्राओं ने अपनी जगह पक्की की है। वहीं, गुमला के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल और रांची के सेंट एलॉयसियस ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
बेटियों की ऊंची उड़ान: क्यों खास है इस बार का रिजल्ट?
ग्राउंड जीरो से मिल रही खबरों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों की बेटियों ने इस बार उन बाधाओं को तोड़ा है जो अक्सर शिक्षा के आड़े आती थीं। सिमडेगा जैसे नक्सल प्रभावित और पिछड़े माने जाने वाले जिले से ‘शिवांगी’ का स्टेट टॉपर बनना यह बताता है कि संसाधनों की कमी कभी प्रतिभा को नहीं दबा सकती। हजारीबाग की प्रियांशु कुमारी की सफलता ने भी यह सिद्ध किया है कि लड़कियों के लिए शिक्षा का माहौल अब झारखंड में तेजी से बदल रहा है।
शिक्षा विभाग का विश्लेषण: क्या बढ़ा है पढ़ाई का स्तर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के रिजल्ट में ‘नियर-परफेक्ट स्कोर’ (500 में 498) का होना शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का संकेत है। झारखंड सरकार की विभिन्न स्कॉलरशिप योजनाओं और स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
निष्कर्ष: अब आगे क्या?
इन टॉपर्स के लिए यह तो बस शुरुआत है। अब इनके सामने अपनी स्ट्रीम (Science, Commerce, Arts) चुनने की चुनौती होगी। प्रशासन और सरकार की ओर से इन मेधावी छात्रों को पुरस्कृत करने की तैयारी की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को आगे की पढ़ाई के लिए उचित वित्तीय सहायता और कोचिंग मुहैया कराएगी ताकि ये यूपीएससी या आईआईटी जैसे बड़े मंचों पर भी झारखंड का नाम रोशन कर सकें?
पाठकों को बता दें कि आप अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट jacresults.com पर जाकर चेक कर सकते हैं।










