रांची | झारखंड में आने वाले दिनों में आयोजित होने वाली नीट (NEET), जेईई (JEE) और जेएसएससी (JSSC) जैसी बड़ी परीक्षाओं को लेकर पुलिस मुख्यालय ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। बुधवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा ने राज्य के तमाम दिग्गज पुलिस अधिकारियों के साथ घंटों मंथन किया। इस बैठक का सीधा संदेश है— “अब एक भी चूक बर्दाश्त नहीं होगी।” पिछले कुछ समय में पेपर लीक की घटनाओं ने राज्य सरकार और पुलिस की साख पर जो सवाल उठाए थे, यह बैठक उन्हीं दागों को धोने और भविष्य को सुरक्षित करने की एक बड़ी कवायद है।
जीरो टॉलरेंस: स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा केंद्र तक पुलिस का पहरा
झारखंड पुलिस अब केवल केंद्रों के बाहर लाठी लेकर खड़ी नहीं रहेगी, बल्कि प्रश्नपत्रों के परिवहन की जिम्मेदारी भी उसकी होगी। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर परीक्षा हॉल तक प्रश्नपत्रों का सफर सीसीटीवी और पुलिस की कड़ी निगरानी में होगा।
क्या हैं डीजीपी के सख्त आदेश?
- नोडल अधिकारियों की तैनाती: हर जिले में एक नोडल ऑफिसर होगा जो परीक्षा से पहले केंद्रों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेगा।
- लॉज और हॉस्टलों की कुंडली: परीक्षा से पहले शहरों के होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में छापेमारी और सघन जांच की जाएगी।
- साइबर कैफे पर ‘ई-नजर’: संदिग्ध साइबर कैफे और इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर विशेष विंग 24×7 निगरानी रखेगी ताकि कोई अफवाह या लीक की खबर न फैला सके।
NEET 2026: 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए विशेष रणनीति
3 मई को होने वाली नीट (UG) परीक्षा को लेकर डीजीपी ने जिला स्तर पर ‘समन्वय समिति’ के गठन का आदेश दिया है। इसका मकसद शिक्षा विभाग और पुलिस के बीच की दूरी को खत्म करना है। जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान जो ‘सिस्टम फेलियर’ दिखा था, उसे दोहराने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
“पूर्व की घटनाओं से हमने सीखा है। इस बार पुलिस केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि एक अभेद्य कवच की तरह काम करेगी। अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सलाखों के पीछे होंगे।” — पुलिस मुख्यालय के उच्च पदस्थ सूत्र
ट्रैफिक से लेकर स्टेशन तक: परीक्षार्थियों के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’
अक्सर देखा जाता है कि जाम या यातायात व्यवस्था की कमी के कारण छात्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाते। डीजीपी ने सभी एसएसपी और एसपी को निर्देश दिया है कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करें। परीक्षा के दिन ट्रैफिक प्लान ऐसा हो कि किसी भी परीक्षार्थी को देरी न हो।
खुफिया विभाग (Special Branch) और CID भी एक्टिव
इस हाई-लेवल मीटिंग में एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक और आइजी विशेष शाखा प्रभात कुमार की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पुलिस इस बार ‘इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन’ पर काम कर रही है। सादे लिबास में पुलिसकर्मी संदिग्धों और परीक्षा माफियाओं के ठिकानों पर नजर रख रहे हैं।
साख बचाने की चुनौती
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं का इतिहास विवादों से भरा रहा है। उत्पाद सिपाही और JSSC पेपर लीक मामले में पुलिस की कार्रवाई अभी भी जारी है। ऐसे में डीजीपी तदाशा मिश्रा की यह सक्रियता न केवल छात्रों में भरोसा जगाती है, बल्कि उन सिंडिकेट्स को चेतावनी भी है जो शिक्षा व्यवस्था को धंधा बना चुके हैं। अब देखना यह है कि 3 मई की अग्निपरीक्षा में सिस्टम कितना खरा उतरता है।
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