रांची | झारखंड के लाखों युवाओं का शिक्षक बनने का सपना अब निर्णायक मोड़ पर है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन का पोर्टल आज यानी मंगलवार से आधिकारिक तौर पर खोल दिया है। लेकिन, इस बार की प्रक्रिया केवल ‘फॉर्म भरने’ तक सीमित नहीं है; इसमें एक ऐसा पेंच है जो पुराने अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फेर सकता है यदि उन्होंने सावधानी नहीं बरती।
पुराने अभ्यर्थियों के लिए ‘अलर्ट’: क्यों दोबारा भरना होगा फॉर्म?
अगर आपने पहले जारी विज्ञप्ति संख्या 30/2024 के तहत आवेदन किया था और फीस भी जमा कर दी थी, तो आपके लिए यह सबसे बड़ी अपडेट है। परिषद ने साफ कर दिया है कि नई नियमावली लागू होने के कारण पुराने अभ्यर्थियों को भी नए सिरे से आवेदन करना अनिवार्य होगा।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ‘भाषा-द्वितीय’ (Language-II) के चयन को लेकर है। पोर्टल पर आपको अपनी सभी जानकारियां अपडेट करनी होंगी। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि आपको दोबारा शुल्क (Fees) नहीं देना पड़ेगा, लेकिन लापरवाही बरतने पर आपका पिछला आवेदन अमान्य माना जा सकता है।
आयु सीमा और पारा शिक्षकों के लिए बड़ी राहत
सरकार ने उम्र को लेकर मचे घमासान को शांत करने की कोशिश की है। परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 1 अगस्त 2026 तक 21 वर्ष होनी चाहिए।
- पारा शिक्षकों को ‘स्पेशल बोनस’: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के तहत कार्यरत ऐसे सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक), जिनकी सेवा कम से कम दो साल की है, उन्हें उनकी सेवा अवधि के बराबर उम्र में छूट मिलेगी। इनके लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष तय की गई है।
- वन-टाइम रिलैक्सेशन: सामान्य अभ्यर्थियों के लिए भी अच्छी खबर है। पिछली परीक्षा और इस परीक्षा के लंबे अंतराल को देखते हुए ‘वन टाइम रिलैक्सेशन’ दिया जा रहा है। अगर आप पिछली परीक्षाओं के गैप के कारण ओवरएज हो रहे थे, तो आपको 9 साल तक की छूट मिल सकती है।
भूमिज भाषा की एंट्री: रांची और जमशेदपुर के छात्रों के लिए नया विकल्प
इस बार की JTET परीक्षा में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। परिषद ने पहली बार ‘भूमिज’ भाषा को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल किया है। विशेष रूप से रांची और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले के अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा मौका है। यह कदम स्थानीय संस्कृति और भाषा को शिक्षा व्यवस्था में प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
परीक्षा का पैटर्न: ढाई घंटे में तय होगा भविष्य
JTET 2026 दो स्तरों पर आयोजित की जा रही है:
- प्राथमिक स्तर: कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए।
- उच्च प्राथमिक स्तर: कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए।
प्रत्येक स्तर की परीक्षा के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। प्रश्न पत्र समेकित (Integrated) होगा। दिव्यांग और दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को नियमानुसार 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार दोनों परीक्षाओं में बैठने का विकल्प चुन सकते हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार आवेदन प्रक्रिया में ‘डेटा अपडेट’ करना सबसे चुनौतीपूर्ण होगा। चूंकि पोर्टल पर पुरानी फीस का मिलान किया जाना है, इसलिए अभ्यर्थियों को अपना पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर और पेमेंट रसीद संभाल कर रखनी चाहिए। प्रशासन की अगली चुनौती परीक्षा की तारीखों का एलान और पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराना है।
सावधानी: अभ्यर्थी केवल JAC की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। किसी भी फर्जी लिंक या दावा करने वाले एजेंटों से बचें।











