Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में स्तन कैंसर (Breast Cancer) के बढ़ते खतरों के बीच एक बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। आगामी 17 और 18 अप्रैल को रिम्स (RIMS) और होटल सेलिब्रेशन इन में “Breast Cancer Today” नामक एक विशाल शैक्षणिक और जागरूकता सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण मुख्य अतिथि के रूप में कल्पना सोरेन की मौजूदगी होगी, जो समाज में इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता की नई मशाल जलाएंगी।
कैंसर के खिलाफ रांची में महाजुटान: विशेषज्ञों की रणनीति
यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के स्वास्थ्य इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। डॉ. नम्रता महांसारिया के नेतृत्व में आयोजित इस दो दिवसीय महाकुंभ में राज्य के ही नहीं, बल्कि देश भर के अग्रणी ऑन्कोलॉजिस्ट, सर्जन, और शोधकर्ता एक छत के नीचे जुटेंगे।
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं:
- मजबूत गठबंधन: यह आयोजन ABSI (Association of Breast Surgeons of India), ASI झारखंड चैप्टर और रिम्स के सर्जरी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
- अकादमिक सत्र: कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चा और नवीनतम उपचार पद्धतियों पर गहन मंथन होगा।
- फोकस: मुख्य जोर बीमारी की समय पर पहचान (Early Detection) और उन्नत रोगी देखभाल पर है।
आखिर क्यों जरूरी है यह सम्मेलन?
भारत में स्तन कैंसर के मामले जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, उसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। आज आयोजित प्रेस वार्ता में सम्मेलन के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सतीश शर्मा (मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) और ट्रेजरर डॉ. सतवीर सिंह (सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) ने साफ किया कि अब समय आ गया है जब मरीजों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि ‘मल्टीडिसिप्लिनरी’ यानी बहु-विषयक चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।
डॉ. नम्रता महांसारिया ने भावुक अपील करते हुए कहा कि, “समाज में जागरूकता की कमी के कारण महिलाएं अक्सर आखिरी स्टेज में अस्पताल पहुंचती हैं। हमें इस सोच को बदलना होगा।”
क्या होगा आम आदमी पर असर?
जब कल्पना सोरेन जैसी प्रभावशाली शख्सियत इस तरह के मंच पर आती हैं, तो संदेश सीधा घर-घर तक पहुंचता है। इस सम्मेलन से निकलने वाला निष्कर्ष झारखंड के सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के प्रोटोकॉल को और बेहतर बनाएगा। आम जनता के लिए इसका सीधा लाभ यह होगा कि अब उन्हें अत्याधुनिक इलाज और परामर्श के लिए बड़े महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
17 अप्रैल से शुरू होने वाले इस सत्र में रिम्स रांची और होटल सेलिब्रेशन इन ज्ञान के केंद्र बनेंगे। उम्मीद की जा रही है कि यहाँ से झारखंड के लिए एक ‘कैंसर मुक्त विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार होगा, जो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा तय करेगा।











