Soma Munda Murder Case: आदिवासी समाज के प्रतिष्ठित पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी खूंटी के पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी।
पुलिस के अनुसार, यह हत्या जमीन विवाद से जुड़ी हुई है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस हत्याकांड में शामिल शूटर अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों में बाहा मुंडा (29), देवा पाहन (63), अनिश मुंडा उर्फ सुकरा (31), रविया पाहन उर्फ रवि (39), रमेश्वर संगा उर्फ रमेश (25), पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित (45) और देवव्रत नाथ शाहदेव शामिल हैं। इनमें से छह आरोपी खूंटी जिले के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी रांची से संबंधित है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, इनमें से एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई थानों में मामले दर्ज हैं। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जमीन कब्जे का विरोध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा विवाद विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर था। गिरफ्तार आरोपी देवव्रत नाथ शाहदेव के कहने पर अन्य स्थानीय आरोपियों ने नवंबर-दिसंबर में उस जमीन पर फुटबॉल मैदान बनाने के बहाने समतलीकरण का काम शुरू किया था। इस दौरान जानबूझकर पत्थलगड़ी के पत्थरों को हटा दिया गया, ताकि जमीन पर अवैध कब्जा किया जा सके।
इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। पड़हा राजा सोमा मुंडा के नेतृत्व में ग्राम सभा आयोजित की गई और सर्वसम्मति से 3 जनवरी 2026 को उसी स्थान पर दोबारा पत्थलगड़ी की गई। इसी घटना के बाद आरोपी सोमा मुंडा से काफी नाराज चल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते मौका पाकर 7 जनवरी 2026 की संध्या को खूंटी थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुवादाग तालाब के पास अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर सोमा मुंडा की हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था।
हत्या के अगले दिन खूंटी बंद बुलाया गया, जिसमें पक्ष और विपक्ष के कई राजनीतिक नेता और आदिवासी संगठन शामिल हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मनोज कौशिक ने SIT का गठन कर एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया था।
इसके साथ ही, सदर थाना प्रभारी मोहन कुमार को निलंबित कर उनकी जगह अशोक सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। IG मनोज कौशिक स्वयं खूंटी पहुंचे, मृतक के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की समीक्षा की।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस जल्द ही इस हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का दावा कर रही है।








