3 मिनट में सदन की कार्रवाई स्थगित, सत्ता के विधायकों ने ऐसा किया हंगामा

रांची से बड़ी खबर – झारखंड विधानसभा का पूरक मानसून सत्र तीसरे दिन भी कामकाज से ज्यादा हंगामे में उलझा रहा। सुबह से ही सदन का माहौल गर्म था।

सत्ता पक्ष का प्रदर्शन, SIR पर बवाल

सत्र शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष के विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठ गए। हाथों में तख्तियां, मुंह से नारे और निशाने पर केंद्र सरकार। आरोप लगाया कि “केंद्र संविधान से मिले अधिकार छीन रहा है, SIR उसके लिए हथियार है।”

विपक्ष का पलटवार, गोड्डा एनकाउंटर का मुद्दा

विपक्ष भी पीछे नहीं रहा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में गोड्डा एनकाउंटर का मुद्दा उठाया और सरकार को घेरने की कोशिश की। उनका कहना था – “SIR सिर्फ झारखंड का मामला नहीं है, ये पूरे देश पर लागू होगा।” विपक्ष का आरोप है कि सत्ता पक्ष जनता को मुद्दे से भटकाने की कोशिश कर रहा है।

प्रदीप यादव का हमला, कांग्रेस का नारा

सदन में कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव गरजे। भाजपा पर सीधा हमला करते हुए बोले – “भाजपा दलित, गरीब और पिछड़ों का वोटिंग अधिकार छीनना चाहती है।” इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी – “वोट चोर, गद्दी छोड़।”

3 मिनट का सत्र, फिर स्थगित

विधानसभा अध्यक्ष ने माहौल शांत करने की अपील की, लेकिन बात बनी नहीं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी ज़िद पर अड़े रहे। नतीजा यह हुआ कि प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही पूरे हंगामे के बीच महज 3 मिनट में कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब दोपहर 12 बजे से फिर बैठक होनी है।

👉 यानी तीसरे दिन भी विधानसभा में चर्चा से ज्यादा शोर सुनाई दिया। जनता से जुड़े मुद्दों पर बात कम, राजनीति का रंग ज्यादा गहरा दिखा।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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