साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे गंगा नदी में एक नाव पलट गई। इस नाव में कुल 31 लोग सवार थे, जिनमें से चार युवक नदी में डूब गए। 28 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन एक युवक की मौत हो चुकी है और तीन अन्य अभी भी लापता हैं।
हादसा गंगा नदी थाना क्षेत्र के गदाई दियारा घाट पर हुआ। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और गंगा का जलस्तर भी उफान पर था। नाव असंतुलित होकर बीच धारा में पलट गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
चूहे पकड़ने निकले थे युवक, नहीं थी खतरे की आहट
हादसे में डूबने वाले सभी युवक आदिवासी समुदाय से हैं। ये युवक रांगा थाना क्षेत्र के बरहड़वा प्रखंड स्थित एक गांव से आए थे। कुल 17 युवक गांव से चूहे पकड़ने निकले थे। मानसून के इस मौसम में बिलों में पानी भरने से चूहे बाहर आ जाते हैं, इसी के चलते ये युवक गदाई दियारा क्षेत्र पहुंचे थे।
सुबह-सुबह वे महाराजपुर घाट पहुंचे और नाव से गंगा पार की। लौटते वक्त नाव में अन्य स्थानीय लोग भी सवार हो गए, जिससे नाव में भीड़ अधिक हो गई और संतुलन बिगड़ गया।
काहा हांसदा का शव बरामद, तीन की तलाश जारी
गांव के युवकों ने किसी तरह से गंगा में डुबकी लगाकर अपने साथी काहा हांसदा को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेजा गया है। डूबे अन्य तीन युवकों की पहचान कृष्णा, जमाई और एक अज्ञात युवक के रूप में हुई है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गोताखोरों की मदद से लापता युवकों की तलाश की जा रही है।
एनडीआरएफ की टीम करेगी मोर्चा संभालने की तैयारी
साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को पटना के बिहटा से बुलाया गया है। टीम साहिबगंज में बाढ़ के खत्म होने तक डेरा डाले रखेगी। गृह मंत्रालय से इसके लिए मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।
उपायुक्त ने कहा कि टीम का मुख्य उद्देश्य जान-माल की रक्षा करना है। फिलहाल, गोताखोरों के जरिए गंगा में डूबे लोगों की खोजबीन जारी है और जल्द ही राहत और बचाव कार्य और तेज़ किया जाएगा।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। डूबे युवकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से लगातार राहत और खोजबीन में तेजी लाने की मांग की है।
यह हादसा न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी बताता है कि मानसून के दौरान नदी पार करने के दौरान कितनी सतर्कता जरूरी होती है। नावों की ओवरलोडिंग और जलस्तर की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है।
संपर्क में रहें: स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।









