श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने प्रदेश को हिला कर रख दिया है। इस हमले के विरोध में आज कश्मीर बंद का व्यापक आह्वान किया गया है। बंद को राजनीतिक दलों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक समूहों का समर्थन मिल रहा है।
हमले के बाद से राज्यभर में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है जिसमें 25 निर्दोष पर्यटक मारे गए। इसे मानवता के खिलाफ बताया जा रहा है।
राजनीतिक दलों की एकजुटता और समर्थन
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) ने पार्टी अध्यक्ष के निर्देश पर बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए बयान में पार्टी ने लोगों से बंद को पूरी तरह सफल बनाने की अपील की।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस बंद को नैतिक समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं बल्कि पूरी कश्मीरियत, शांति और सभ्यता पर हमला है।
महबूबा ने जम्मू के चैंबर एंड बार एसोसिएशन द्वारा घोषित बंद को भी समर्थन देने की अपील करते हुए इसे सामूहिक एकजुटता का प्रतीक बताया।
On the instruction of the Party President, JKNC joins the collective call for a bandh in strong condemnation of the Pahalgam terror attack. We appeal to the people of J&K to ensure the hartal called by religious and social leaders is a complete success.
— JKNC (@JKNC_) April 22, 2025
व्यापारिक संगठनों ने भी लिया सक्रिय भाग
व्यापारिक समुदाय ने भी आतंकी हमले के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कश्मीर (CCIK), जम्मू-कश्मीर होटलियर्स क्लब, ट्रैवल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट यूनियन, रेस्तरां मालिक और नागरिक समाज संगठन मिलकर इस बंद को सफल बना रहे हैं।
सीसीआईके के अध्यक्ष तारिक रशीद गनी ने स्पष्ट किया कि घाटी के व्यवसाय, परिवहन सेवाएं और अन्य प्रतिष्ठान आज पूरी तरह बंद रहेंगे। उन्होंने हमले को घाटी की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
कश्मीर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन (KTMF) के प्रमुख मोहम्मद यासीन खान ने कहा कि इस निर्मम हमले से पूरा व्यापारिक समुदाय स्तब्ध है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य पर एक गहरी चोट है।
कश्मीर भर में प्रदर्शन और मोमबत्ती मार्च
हमले के विरोध में श्रीनगर, बारामूला, सोपोर और कुपवाड़ा सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए गए। शाम होते-होते हजारों लोगों ने मोमबत्ती मार्च निकालकर शोक जताया और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
लोगों का कहना है कि घाटी में अमन और चैन बनाए रखने के लिए ऐसे हमलों का एकजुट होकर विरोध करना ज़रूरी है। धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन देकर यह संदेश दिया है कि आतंक के खिलाफ कश्मीर एकजुट है।
पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे जम्मू-कश्मीर को झकझोर दिया है। आम जनता से लेकर राजनीतिक दल और व्यापारिक संगठन सभी ने इस निंदनीय कृत्य के खिलाफ एकजुटता दिखाई है। आज का बंद इस एकता और विरोध का प्रतीक बन गया है, जिससे यह संदेश स्पष्ट है कि कश्मीर आतंकवाद नहीं, अमन का पक्षधर है।










