रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेता नितिन नवीन के झारखंड दौरे और उनके वक्तव्यों पर तीखा राजनीतिक पलटवार किया है। झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा नेता झारखंड को अपना ‘गढ़’ बताकर राज्य की जनता का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड किसी दल का गढ़ नहीं, बल्कि सवा तीन करोड़ लोगों की आकांक्षाओं, संघर्षों और अधिकारों की धरती है।
विनोद पांडेय ने बयान जारी कर कहा कि राज्य की जनता ने लगातार दो बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व को सेवा का अवसर दिया है और जनता को खोखले नारों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा आदिवासियों, मूलवासियों, किसानों और युवाओं को उनके संसाधनों के अनुरूप अधिकार और अवसर देने में विफल रही। झामुमो नेता के अनुसार, खनिज संपदा से देश मजबूत हुआ लेकिन स्थानीय लोगों को उचित हक नहीं मिला; ऐसे में भाजपा को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।
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युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर घेरा
झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर राजनीति बंद करे। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक लाभ का साधन बनाया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार युवाओं के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र स्तर पर रोजगार और महंगाई से जुड़े सवालों पर भाजपा के पास क्या जवाब है।
‘एसआईआर और घुसपैठ पर भय का माहौल न बनाए भाजपा’
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाकर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। नागरिकता और मताधिकार से जुड़े विषयों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, न कि बयानबाजी से समाज में डर और भ्रम पैदा किया जाए।
झामुमो नेता ने कहा कि झारखंड की राजनीति का फैसला यहां की जनता अपने अनुभव और विवेक से करेगी, किसी बाहर से आए नेता के उपदेश से नहीं।














