रांची: झारखंड में युवाओं के कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी ‘मुख्यमंत्री सारथी योजना’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने पलटवार करते हुए भाजपा से केंद्र सरकार द्वारा हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे पर जवाब मांगा है।
भाजपा का आरोप: प्रशिक्षण और वास्तविक रोजगार में अंतर, जारी हो श्वेतपत्र
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं को केवल आश्वासन देने और जमीनी स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2023 में योजना के पहले चरण के तहत 80 प्रखंड स्तरीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की शुरुआत की गई थी और रोजगार न मिलने की स्थिति में पात्र युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रखा गया था।
शोभा यादव ने विभागीय आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दिसंबर 2024 में श्रम एवं कौशल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक लगभग 5.25 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 4.5 लाख को प्रमाणपत्र और करीब 2.25 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष प्रशिक्षित युवाओं की वर्तमान स्थिति क्या है और कितनों को योग्यता के अनुरूप स्थायी रोजगार मिला, यह सरकार स्पष्ट नहीं कर रही है।
उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में कौशल विकास मिशन के लिए किए गए ₹585 करोड़ के प्रावधान का उल्लेख करते हुए मांग की कि योजना के तहत संचालित केंद्रों, प्रमाणपत्र धारकों, लंबित प्लेसमेंट, बेरोजगारी भत्ता पाने वाले लाभार्थियों और कुल खर्च पर सरकार विस्तृत श्वेतपत्र जारी करे।
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झामुमो का पलटवार: केंद्र के वादों और वित्तीय भेदभाव पर उठाए सवाल
भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि सारथी योजना पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को केंद्र की मोदी सरकार के हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश भर में युवा रोजगार और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन भाजपा अपनी जवाबदेही से बचते हुए केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रांश की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे योजनाओं के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। झामुमो महासचिव ने कहा कि हेमंत सरकार राज्य के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सारथी योजना एक सफल पहल है, जिस पर विपक्ष राजनीतिक कारणों से अनर्गल सवाल खड़े कर रहा है।












