रांची: झारखंड की राजधानी रांची की सड़कों पर नाबालिगों की बेखौफ ड्राइविंग और स्कूल वैन में ठूंस-ठूंसकर भरे जा रहे बच्चों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डीपीएस और केराली जैसे नामी स्कूलों के बाहर जब परिवहन विभाग का डंडा चला, तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त निर्देश के बाद सड़क सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ यह ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हुआ है। डीटीओ की अगुवाई में चली इस औचक छापेमारी से हड़कंप का माहौल है।
अगर आपका बच्चा भी बिना लाइसेंस बाइक या स्कूटी लेकर स्कूल जा रहा है, तो संभल जाइए। प्रशासन ने सीधे अभिभावकों को रडार पर लेते हुए सख्त संदेश दे दिया है कि बच्चों की जान जोखिम में डालने की छूट अब कतई नहीं मिलेगी।
स्कूलों के बाहर सघन चेकिंग: 30 नाबालिगों को चेतावनी, 5 गाड़ियां जब्त
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) अखिलेश कुमार के नेतृत्व में उतरी विशेष टीम ने डीपीएस और केराली स्कूल समेत कई बड़े शिक्षण संस्थानों के गेट पर पहरा बैठा दिया। छुट्टी और स्कूल शुरू होने के वक्त जैसे ही छात्र बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहनों से पहुंचे, उन्हें रोक लिया गया।
अभियान के दौरान 30 नाबालिग छात्रों को पहली बार सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया, जबकि नियमों का खुला उल्लंघन करने वाले 5 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने बच्चों को मौके पर ही समझाया कि कम उम्र में गाड़ी चलाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि खुद उनकी और दूसरों की जिंदगी के लिए भी जानलेवा है।
“सड़क सुरक्षा कानून का उल्लंघन किसी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा। नाबालिगों का वाहन चलाना कानूनी अपराध है। अभिभावक अपनी जिम्मेदारी समझें और किसी भी हाल में कम उम्र बच्चों को चाबी न सौंपें।”
— अखिलेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, रांची
5 सीटर वैन में 14 मासूम: जिंदगी से यह खिलवाड़ कब रुकेगा?
ग्राउंड चेकिंग के दौरान सबसे खौफनाक मंजर स्कूल वैनों की पड़ताल में सामने आया। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले कॉमर्शियल चालकों की मनमानी उजागर हुई।
जांच में ऐसे वाहन पकड़े गए जहां 5-सीटर वैन में 12 से 14 छोटे बच्चों को ठूंसकर बैठाया गया था। सांस लेने तक की जगह नहीं थी और आपातकालीन स्थिति में निकलने का कोई रास्ता नहीं।
टीम ने ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ ऑन-द-स्पॉट कानूनी कार्रवाई की और दो टूक हिदायत दी कि क्षमता से एक भी बच्चा ज्यादा दिखा तो परमिट रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे ऑटो या वैन चालकों के इस जानलेवा खेल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
बुण्डू टोल प्लाजा पर भारी वाहनों पर एक्शन: हाईवे पर जाम बर्दाश्त नहीं
शहर के स्कूलों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी प्रशासन का बुलडोजर एक्शन दिखा। बुण्डू टोल प्लाजा के पास नेशनल हाईवे पर बेतरतीब खड़े भारी ट्रकों और अवैध पार्किंग के खिलाफ टीम ने बड़ी कार्रवाई की।
हाईवे पर अवैध रूप से खड़े वाहन अक्सर भीषण हादसों की वजह बनते हैं। एमवीआई बिमल किशोर, सड़क सुरक्षा अभियंता गौरव कुमार और संबंधित ट्रैफिक थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए हाईवे को खाली कराया और चालकों पर जुर्माना ठोका।
प्रशासन का अगला कदम: क्या अब अभिभावकों पर दर्ज होगी FIR?
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह महज एक दिन की सांकेतिक कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में रांची के हर प्रमुख स्कूल और कॉलेज के बाहर औचक निरीक्षण होगा।
यदि इसके बाद भी नाबालिग सड़कों पर स्टंट करते या वाहन दौड़ाते मिले, तो मोटर व्हीकल एक्ट के नए प्रावधानों के तहत अभिभावकों पर भारी-भरकम जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है। वहीं स्कूल वैनों की फिटनेस और क्षमता की जांच के लिए स्पेशल स्क्वॉड मैदान में उतरेगा।











