Jharkhand Weather Today | झारखंड के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के अलग-अलग जिलों में तापमान के मिजाज में हैरान करने वाला अंतर देखने को मिल रहा है। कहीं उमस भरी तीखी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है, तो कहीं रात के पारे में भारी गिरावट से गुलाबी ठंडक ने दस्तक दे दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची द्वारा 5 सितंबर को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, Jharkhand Weather में यह बड़ा उलटफेर स्थानीय वायुमंडलीय दबाव और छिटपुट मानसूनी सक्रियता के कारण दर्ज हुआ है। संताल परगना का पाकुड़ जिला जहां राज्य का सबसे गर्म इलाका बना, वहीं रांची के कांके में तापमान गिरकर सीजन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
इस बीच संताल परगना और पलामू-कोल्हान प्रमंडल के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम जनजीवन पर सीधा असर देखा जा रहा है।

पाकुड़ में 34.3°C की चुभन, तो कांके में 19.4°C पर गिरा पारा
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पाकुड़ (AWS) में 34.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यहां दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों का पसीना छुड़ाया। इसके उलट, राजधानी रांची से सटे कांके (BAU) में न्यूनतम तापमान गिरकर 19.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो पूरे राज्य में सबसे कम रहा।
एक ही राज्य में 15 डिग्री के इस भारी तापमान अंतर (Thermal Contrast) ने डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों दोनों का ध्यान खींचा है। अचानक बदलते इस तापमान की वजह से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान रिपोर्ट कार्ड:
- रांची: अधिकतम 27.8°C | न्यूनतम 21.4°C (हल्की बूंदाबांदी/ट्रेस)
- जमशेदपुर: अधिकतम 31.0°C | न्यूनतम 25.2°C
- मेदिनीनगर (डाल्टनगंज): अधिकतम 31.2°C | न्यूनतम 25.6°C (दृश्यता 3000 मीटर)
- बोकारो थर्मल: अधिकतम 32.1°C | न्यूनतम 24.5°C
- चाईबासा: अधिकतम 29.8°C
गोड्डा और लातेहार में बरसे मेघ, डाल्टनगंज में धुंध से विजिबिलिटी घटी
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के उत्तरी-पूर्वी हिस्से यानी गोड्डा जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। महागामा में सबसे ज्यादा 12.2 मिमी, मेहरमा में 4.2 मिमी और पथरगामा में 4.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा गढ़वा के भंडरिया में 3 मिमी, लातेहार में 2 से 3 मिमी और पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में 2 मिमी बारिश हुई।
इधर, पलामू प्रमंडल के डाल्टनगंज में सुबह के वक्त दृश्यता (Visibility) घटकर 3000 मीटर तक दर्ज की गई। वातावरण में बढ़ी नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से सुबह हल्की धुंध छाने लगी है, जिसने आने वाले दिनों में मौसम बदलने के साफ संकेत दे दिए हैं।
[यहाँ बारिश और बदले मौसम से जुड़ी ग्राउंड वीडियो रिपोर्ट एम्बेड करें]
ग्राउंड एनालिसिस: किसानों के चेहरे खिले, पर स्वास्थ्य को लेकर अलर्ट
रांची के ग्रामीण इलाकों और संताल परगना के खेतों में इस छिटपुट बारिश से धान की फसलों को बड़ी राहत मिली है। किसानों का कहना है कि सितंबर की शुरुआत में नमी बरकरार रहना दानों के भराव के लिए संजीवनी साबित होगा।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। दिन में तेज धूप और रात में अचानक 20 डिग्री से नीचे जा रहे पारे के कारण सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर के मामलों में उछाल आ सकता है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम के तापमान बदलाव से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित मौसमी सिस्टम और मानसूनी ट्रफ के रुख पर राज्य का अगला वेदर पैटर्न निर्भर करेगा। आने वाले 48 से 72 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में गरज के साथ वज्रपात (थंडरस्टॉर्म) और हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को बादलों की गड़गड़ाहट के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।











