Ranchi | पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने जाने वाले झारखंड के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। ओडिशा के पुरी में समुद्र किनारे अब झारखंड सरकार का अपना भव्य और सर्वसुविधायुक्त गेस्ट हाउस बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को हरी झंडी दे दी है। करीब 99 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस नए राज्य अतिथि गृह को भवन निर्माण विभाग से तकनीकी मंजूरी भी मिल चुकी है।
अब तक पुरी में झारखंड का सरकारी गेस्ट हाउस किराए के भवन में चल रहा था। अपने खुद के भवन के निर्माण से न सिर्फ सरकारी खर्च में भारी बचत होगी, बल्कि राज्य के आम नागरिकों को भी तीर्थनगरी में ठहरने की विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी।
99 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: किराए के झंझट से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति
झारखंड भवन निर्माण विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रोजेक्ट की तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
वर्तमान में पुरी में संचालित हो रहा झारखंड गेस्ट हाउस सीमित संसाधनों और किराए के परिसर में चल रहा था। नए गेस्ट हाउस के निर्माण से राज्य का एक स्थायी प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र ओडिशा के तटीय शहर में स्थापित हो जाएगा।
मंत्रियों-अफसरों के साथ आम लोग भी कर सकेंगे बुकिंग
इस नए गेस्ट हाउस की सबसे बड़ी खासियत इसका समावेशी ढांचा है। यहां केवल वीआईपी या प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ही कमरे आरक्षित नहीं रहेंगे, बल्कि झारखंड से जाने वाले आम तीर्थयात्री और पर्यटक भी रियायती दरों पर कमरा बुक कर सकेंगे।
- किसे मिलेगा कमरा: राज्य के मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और झारखंड के आम नागरिक।
- बुकिंग की प्रक्रिया: ठहरने के लिए संबंधित विभाग के अधिकृत पोर्टल/माध्यम से ऑनलाइन एडवांस बुकिंग करानी होगी।
- सुविधाएं: समुद्र के करीब होने के कारण इसमें आधुनिक कमरों के साथ-साथ डाइनिंग, कॉन्फ्रेंस हॉल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
जगन्नाथ मंदिर से 8 किमी दूर मिली 0.35 एकड़ जमीन
ओडिशा सरकार ने अपने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (इडको) के जरिए झारखंड सरकार को पुरी सदर के ग्राम बालुखंडा में 0.35 एकड़ जमीन आवंटित की है।
- लोकेशन की खासियत: यह जमीन कोणार्क वन्यजीव अभयारण्य (Konark Wildlife Sanctuary) के बेहद करीब और शांत वातावरण में स्थित है।
- मंदिर से दूरी: श्री जगन्नाथ मंदिर से इस नए परिसर की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है, जहां से मुख्य मंदिर और समुद्री तट दोनों तक सीधी व सुगम कनेक्टिविटी है।
जमीन का लीज एग्रीमेंट पूरा, सरकारी औपचारिकताएं अंतिम चरण में
परियोजना की नींव मजबूत करने के लिए झारखंड सरकार ने जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सभी वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। इडको को निम्नलिखित भुगतानों के साथ लीज एग्रीमेंट औपचारिक रूप से संपन्न हो चुका है:
| मद | भुगतान राशि |
| लीज प्रीमियम | ₹49.70 लाख |
| स्टांप ड्यूटी | ₹7.20 लाख |
| अन्य शुल्क | वार्षिक किराया एवं रजिस्ट्रेशन फीस चुकता |
निर्माण का अगला चरण: कब शुरू होगा काम?
प्रशासनिक स्वीकृति की मुहर लगते ही भवन निर्माण विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। विभाग का लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर झारखंड के लोगों को पुरी में एक सुरक्षित, किफायती और सुगम आशियाना सौंपने का है।











