गुमला (झारखंड): झारखंड के गुमला जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां बारिश के पानी से लबालब भरे खुले सेप्टिक टैंक में डूबने से दो सगे-संबंधी मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।
हादसा भरनो थाना क्षेत्र के लोंगा गांव का है। मृतकों की पहचान 9 वर्षीय अरमान अंसारी और 5 वर्षीय जैद अंसारी के रूप में हुई है। घर के पास ही खेलते-खेलते दोनों बच्चे अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद यह खौफनाक मंजर सामने आया।
एक छोटी सी लापरवाही ने दो हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझा दिए। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
खेलते-खेलते मौत के गड्ढे में समा गए मासूम
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर के पास ही एक नए शौचालय टैंक (सेप्टिक टैंक) का निर्माण कार्य चल रहा था। टैंक की खुदाई तो कर दी गई थी, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उसे ढका नहीं गया था।
पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते यह अधूरा टैंक ऊपर तक पानी से भर चुका था। रविवार को दोनों बच्चे घर के आंगन के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे खुले पड़े इस गहरे टैंक के करीब जा पहुंचे और पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में जा गिरे।
चप्पल देखकर गहराया शक, टैंक से निकाले गए शव
जब काफी देर तक दोनों बच्चे आसपास नजर नहीं आए, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। गांव की गलियों में खोजबीन के दौरान अचानक परिजनों की नजर पानी से भरे सेप्टिक टैंक के किनारे पड़ी दो जोड़ी छोटी चप्पलों पर गई।
चप्पल देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। अनहोनी की आशंका के बीच ग्रामीणों की मदद से तुरंत टैंक के भीतर तलाशी शुरू की गई। कुछ ही पलों में दोनों मासूमों के अचेत शरीरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चों की सांसें थम चुकी थीं।
क्या बोले जिम्मेदार: पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भरनो थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने कहा:
“परिजनों के अनुसार बच्चों की मौत पानी से भरे गड्ढे में डूबने से हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सटीक वजह स्पष्ट हो सकेगी।”
निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल
यह दुखद हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। खुले गड्ढे और जलजमाव वाले स्थान बरसात के मौसम में बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर टैंक को समय रहते सुरक्षित रूप से ढका गया होता, तो आज दो मासूमों की जान बच सकती थी।
प्रशासन को अब ऐसे असुरक्षित और खुले निर्माण स्थलों पर सख्ती बरतने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई दूसरा परिवार इस तरह उजड़ने से बच सके।











