Ranchi | झारखंड के प्रतियोगी छात्रों के सब्र का बांध टूट चुका है। कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर आज राज्यभर के अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर बड़ा डिजिटल मोर्चा खोल रहे हैं।
JPSC JSSC Reform Manch के आह्वान पर हजारों युवा आज एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एकजुट होकर सीबीआई जांच की मांग बुलंद कर रहे हैं।
छात्रों का साफ कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का सवाल नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता की सीधी लड़ाई है।
परीक्षाओं पर गहराते सवाल: डिजिटल स्ट्राइक के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी
झारखंड में राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। जेपीएससी और जेएसएससी की पिछली परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक की आशंकाओं और लचर परीक्षा प्रबंधन से नाराज छात्र अब आर-पार के मूड में हैं।
रिफॉर्म मंच का स्पष्ट रुख है कि जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी निष्पक्ष एजेंसी से पूरे मामले की जांच नहीं कराई जाती, तब तक वास्तविक तथ्य सामने नहीं आ पाएंगे।
‘यह किसी दल के खिलाफ नहीं, व्यवस्था की लड़ाई’: मंच की दो-टूक
रांची के छात्र प्रतिनिधियों और अभ्यर्थियों का कहना है कि यह डिजिटल अभियान किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
“हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया अभियान के जरिए हम सरकार को छात्रों की एकजुट आवाज सुनाना चाहते हैं, साथ ही आने वाले दिनों में अदालत के समक्ष भी पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे।”
— JPSC JSSC रिफॉर्म मंच प्रतिनिधि
डिजिटल ट्रेंड से लेकर कोर्ट रूम तक: अब आगे क्या?
सोशल मीडिया पर #cbiforjpscjssc हैशटैग के साथ शुरू हुआ यह अभियान केवल ऑनलाइन स्पेस तक सीमित रहने वाला नहीं है। मंच ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि डिजिटल दबाव बनाने के साथ-साथ कानूनी स्तर पर भी साक्ष्य जुटाकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
प्रशासन और चयन आयोगों पर निष्पक्ष जांच का भारी दबाव बन रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस डिजिटल आक्रोश को भांपते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश देती है, या फिर यह आंदोलन सड़कों पर एक नए टकराव की जमीन तैयार करेगा।











