रांची : अगर आप रांची जिले के मतदाता हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। 22 जुलाई 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर BLO और BLA-2 की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक और ‘चुनाव पाठशाला’ का आयोजन होने जा रहा है।
इस बड़े अभियान को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त (DC) श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय सभागार में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक निबंधन अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की। प्रशासन का सीधा लक्ष्य है कि फर्जी या दोहरे मतदाताओं को बाहर किया जाए और हर एक पात्र नागरिक का नाम सूची में जोड़ा जाए।
अगर आप या आपका परिवार हाल ही में शिफ्ट हुआ है, या वोटर लिस्ट में नाम ढूंढने में परेशानी आ रही है, तो 22 जुलाई का यह अभियान आपके लिए ही है।
फर्जी नामों पर नकेल: ASDD सूची और डिजिटाइजेशन पर फोकस

ग्राउंड से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान बेहद सख्त और आधुनिक तकनीकों से लैस है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि 22 जुलाई को आयोजित होने वाली चुनाव पाठशाला का मुख्य उद्देश्य ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) सूची को अंतिम रूप देना है।
इसका सीधा असर रांची के लाखों मतदाताओं पर पड़ेगा:
- एक परिवार, एक बूथ: प्रयास यह है कि एक ही परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ पर दर्ज हो, ताकि वोटिंग के दिन किसी को भटकना न पड़े।
- अपात्रों की छंटनी: जो लोग स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे।
- विदेशी नागरिकों पर पैनी नजर: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर लिस्ट में शामिल होने की कोशिश करने वाले अवैध या विदेशी नागरिकों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री का संदेश: “हमारा उद्देश्य एकदम साफ है—कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो सके और कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से छूटने न पाए। इसके लिए राजनीतिक दलों और आम जनता दोनों का सहयोग जरूरी है।”
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की शंकाएं दूर, ऑनलाइन डेमो देकर समझाया
बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एक बड़ा व्यावहारिक मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले पुनरीक्षण अभियानों के दौरान मतदाताओं को अपना नाम खोजने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने तुरंत सभागार में ही पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन नाम खोजने की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन (Demo) करके दिखाया। अधिकारियों ने प्रतिनिधियों को समझाया कि कैसे पोर्टल पर कुछ ही सेकंड्स में विवरण खोजा जा सकता है और शंकाओं का तुरंत निवारण किया गया।
प्रशासन ने सभी दलों से अपील की है कि वे अपने BLA-2 (Booth Level Agent) के जरिए BLO (Booth Level Officer) के साथ बेहतर तालमेल बैठाएं, ताकि 29 जुलाई 2026 से पहले Enumeration Form का 100% संग्रहण और डिजिटाइजेशन का काम पूरा किया जा सके।
22 जुलाई को रांची जिले के सभी पोलिंग बूथों पर BLOs तैनात रहेंगे। यदि आपके वोटर कार्ड में कोई सुधार होना है, नाम जोड़ना है या परिवार के बूथ को एक समान करना है, तो अपने नजदीकी बूथ पर जाकर BLA-2 और BLO से संपर्क करें। 29 जुलाई तक चलने वाले इस डिजिटाइजेशन ड्राइव से रांची की मतदाता सूची पूरी तरह अपडेटेड और पारदर्शी हो जाएगी।











