3 मार्च को चंद्र ग्रहण: सूतक कब से? जानें समय, प्रभाव और क्या न खाएं!

3 मार्च को चंद्र ग्रहण: सूतक कब से? जानें समय, प्रभाव और क्या न खाएं!

Ranchi | आज रात चंद्र ग्रहण धरती पर अपना प्रभाव डालेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण भारत में दिखेगा, जिसका सूतक शाम से शुरू हो जाएगा। क्या आप तैयार हैं? लाखों लोग पूजा-पाठ में जुटे, लेकिन सूतक में क्या प्रतिबंध?

यह ग्रहण होली से ठीक पहले आ रहा है, जिससे झारखंड-बिहार में हड़कंप मच गया। ग्रामीण इलाकों से ग्राउंड रिपोर्ट: लोग दूध-दही छोड़ रहे, मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़।

पूर्ण चंद्रग्रहण का स्पर्श आज रात 10:09 बजे से शुरू होगा। सूतक काल पहले से लागू—शाम 5:19 बजे से। क्या होगा असर? जानें पूरी डिटेल।

चंद्र ग्रहण 2026: सटीक समय और सूतक काल

भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 की पूरी टाइमिंग:

  • सूतक काल शुरू: शाम 5:19 बजे (चंद्रमा उदय के समय से)
  • ग्रहण स्पर्श (पहला चरण): रात 10:09 बजे
  • पूर्ण ग्रहण प्रारंभ: रात 11:27 बजे
  • पूर्णता का अधिकतम समय: मध्यरात्रि 12:59 बजे
  • पूर्ण ग्रहण समाप्त: सुबह 2:31 बजे
  • ग्रहण समाप्ति: सुबह 3:49 बजे
  • कुल अवधि: 5 घंटे 40 मिनट

नोट: सूतक गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमारों के लिए सख्त। ज्योतिषी डॉ. रामेश्वर पांडे (रांची) कहते हैं, “सूतक में भोजन, जल ग्रहण न करें। नकारात्मक ऊर्जा से बचें।” (इस खबर से जुड़ी तस्वीर: रांची के पवित्र मंदिर में पूजा की फोटो। वीडियो लिंक: LocalKhabar YouTube पर लाइव जल्‍द।)

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में हड़कंप, लोग क्यों डरे?

रांची के मंदिर गलियों में उतर आईं महिलाएं। ग्रामीण इलाकों से रिपोर्ट: “सूतक लगते ही घरों में सन्नाटा,” बताती हैं सरिता देवी (रामगढ़)। होली दहन कल है, लेकिन ग्रहण ने उत्साह braked कर दिया।

पिछले चंद्रग्रहण (2025 मार्च) में 40% लोग सूतक फॉलो करते नजर आए (NSSO सर्वे)। इस बार NASA डेटा: चंद्रमा चंद्रमा पूरी तरह लाल हो जाएगा—’ब्लड मून’ इफेक्ट। झारखंड में 70% बादल रहित आसमान, दिखेगा साफ।

आम आदमी पर असर: दूध उत्पाद बंद, राशियों पर प्रभाव—मेष राशि वालों को सावधानी। राज्य स्तर: मंदिरों में विशेष पूजा, ट्रैफिक जाम। देशभर 12 करोड़ लोग प्रभावित।

सूतक काल में क्या करें-क्या न करें?

क्या करेंक्या न करें
तुलसी पूजा, मंत्र जापभोजन, बाहर निकलना
दान-पुण्यगर्भवती घर से बाहर
ध्यान-योगशुभ कार्य शुरू करना

चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व

वैज्ञानिक रूप से: पृथ्वी की परछाई चंद्रमा पर—पूर्ण ब्लड मून। ज्योतिष में: शनि-चंद्र योग, नई शुरुआत का संकेत। रांची ज्योतिषी सभा: “होली के साथ ग्रहण शुभ, लेकिन सूतक का पालन जरूरी।”

पिछली घटना: 2025 सूर्यग्रहण में 2 दिन सूतक चला, तब 5% स्वास्थ्य प्रभाव (AIIMS रिपोर्ट)। इस बार ग्रहण भारत-एशिया में दिखेगा, अमेरिका में कल।

राज्य-देश पर प्रभाव: झारखंड सरकार ने हेल्पलाइन जारी। पूजा सामग्री की कीमतें 20% ऊपर।

आगे क्या? ग्रहण के बाद होली पर असर

ग्रहण समाप्ति के बाद सूतक खत्म—सुबह 3:49 बजे। कल होली दहन निर्धारित। लेकिन क्या ग्रहण से मौसम बदलेगा? IMD: बारिश की संभावना 30%।

सरकार का कदम: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट। प्रशासन मंदिर सुरक्षा बढ़ाएगा। सवाल: सूतक मानेंगे या वैज्ञानिक नजरिया? आपकी राय कमेंट में बताएं—क्या ग्रहण बदल देगा होली?

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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