राँची: राँची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर विकास समिति की नई समिति ने आज विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। हालांकि, इस दौरान मंदिर परिसर में भारी हंगामा और अव्यवस्था देखने को मिली, जिसे लेकर नई समिति ने पूर्व के पदाधिकारियों और बाहरी तत्वों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूजा-अर्चना के साथ नई पारी की शुरुआत
समिति के अध्यक्ष जस्टिस डॉ. एस.एन. पाठक, उपाध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह एवं वीरेंद्र तिवारी, सचिव राकेश सिन्हा सहित अन्य सदस्यों (अमरेंद्र सिंह, दीपक ओझा, राजेश साहू, मेहुल प्रसाद, अरुण वर्मा एवं बादल सिंह) ने पहाड़ी बाबा और अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जिम्मेदारी संभाली।
करोड़ों के घोटाले का आरोप और जाँच की मांग
नई समिति ने कार्यभार संभालते ही पूर्व की व्यवस्थाओं पर तीखे हमले किए। समिति द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- ₹6.74 करोड़ का टेंडर घोटाला: समिति का दावा है कि पूर्व में मंदिर के टेंडरों में भारी अनियमितता बरती गई है।
- लोहा एवं प्लास्टिक घोटाला: करोड़ों रुपये के लोहे और प्लास्टिक सामग्री के दुरुपयोग और अवैध बिक्री का आरोप।
- संसाधनों की बर्बादी: अच्छे भले हॉल और सीढ़ियों को तोड़कर मंदिर के धन का दुरुपयोग किया गया।
- ताले पर ताला: मंदिर कार्यालय और कक्षों में ताले लटके मिले, जिससे प्रशासनिक समन्वय की कमी उजागर हुई।
- श्रद्धालुओं को परेशानी: मुख्य द्वार और सीढ़ियों को घेर लेने के कारण आम भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने में काफी कठिनाई हुई।
- राजनीतिक नारेबाजी: मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर मुख्यमंत्री विरोधी नारे लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई।










