डिजिटल युग में जहाँ इंटरनेट हर व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, वहाँ व्यवसाय और ब्रांड के लिए अपनी ऑनलाइन उपस्थिति बनाए रखना बेहद ज़रूरी हो गया है। गूगल जैसे सर्च इंजन पर जब कोई उपयोगकर्ता किसी उत्पाद, सेवा या जानकारी को खोजता है, तो कंपनियाँ चाहती हैं कि उनका नाम सबसे ऊपर दिखे। इस प्रतिस्पर्धी माहौल में, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) एक ऐसा औजार बन चुका है जो व्यवसायों को डिजिटल दुनिया में खड़ा करने में मदद करता है।
रांची (झारखंड) के सुभाष शेखर इसी क्षेत्र के एक प्रमुख नाम हैं। वे न केवल SEO विशेषज्ञ हैं बल्कि डिजिटल मार्केटिंग रणनीतिकार, कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन एक्सपर्ट और ऑनलाइन बिज़नेस ग्रोथ कंसल्टेंट के रूप में भी जाने जाते हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और तकनीकी दक्षता ने उन्हें आज देशभर में एक पहचान दिलाई है।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
सुभाष शेखर का जन्म झारखंड की राजधानी रांची में हुआ। बचपन से ही वे पढ़ाई के साथ-साथ तकनीक और इंटरनेट की दुनिया में गहरी रुचि रखते थे। जहाँ उनके सहपाठी खेलकूद और सामान्य पढ़ाई में व्यस्त रहते थे, वहीं सुभाष को कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल माध्यम अधिक आकर्षित करते थे।
रांची के ही एक प्रतिष्ठित स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने ब्लॉगिंग, वेबसाइट डिज़ाइनिंग और SEO की दुनिया से परिचय पाया। शुरुआत में यह शौक मात्र था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनका पेशा और जीवन का लक्ष्य बन गया।
SEO की ओर पहला कदम
कॉलेज के दिनों में ही सुभाष ने महसूस किया कि वेबसाइट बनाना ही पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती यह है कि उस वेबसाइट पर लोग कैसे आएँ। यही प्रश्न उन्हें SEO की ओर खींच लाया।
उन्होंने सबसे पहले ऑन-पेज SEO (जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, मेटा डिस्क्रिप्शन, हेडिंग ऑप्टिमाइजेशन, यूज़र-फ्रेंडली URL आदि) की बारीकियाँ सीखी। इसके बाद उन्होंने ऑफ-पेज SEO (जैसे कि बैकलिंक बिल्डिंग, गेस्ट पोस्टिंग, सोशल बुकमार्किंग) पर गहराई से काम किया।
सुभाष ने स्वयं के ब्लॉग और छोटे प्रोजेक्ट्स पर प्रयोग करके अपनी कला को निखारा। गूगल अल्गोरिदम, कीवर्ड स्ट्रेटजी और कंटेंट मार्केटिंग जैसे जटिल विषयों को उन्होंने व्यावहारिक रूप में सीखा और समय के साथ-साथ उसमें महारत हासिल की।
पेशेवर करियर की शुरुआत
शिक्षा पूरी करने के बाद सुभाष शेखर ने रांची से ही अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। उन्होंने स्थानीय व्यवसायों, स्टार्टअप्स और छोटे उद्यमियों की वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करने का काम संभाला।
जहाँ अधिकतर कंपनियाँ केवल बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर) के SEO एक्सपर्ट्स को ही प्राथमिकता देती थीं, वहीं सुभाष ने रांची से ही यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भी भूगोल की मोहताज नहीं होती।
उन्होंने कई लोकल बिज़नेस वेबसाइट्स को गूगल पर शीर्ष स्थान तक पहुँचाया। इसका असर यह हुआ कि झारखंड और आसपास के राज्यों में छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन ग्राहक मिलने लगे और उनका कारोबार तेजी से बढ़ा।
SEO में विशेषज्ञता
सुभाष शेखर की विशेषता यह है कि वे SEO को केवल एक तकनीकी प्रक्रिया के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे एक पूर्ण रणनीति मानते हैं। उनके काम के प्रमुख आयाम इस प्रकार हैं –
- कीवर्ड रिसर्च और विश्लेषण
वे हर प्रोजेक्ट के लिए सबसे पहले गहन कीवर्ड रिसर्च करते हैं। यह समझते हैं कि उपभोक्ता किस तरह के शब्द या वाक्यांश टाइप करके जानकारी ढूँढ रहे हैं। - ऑन-पेज ऑप्टिमाइजेशन
- वेबसाइट की लोडिंग स्पीड बढ़ाना
- मोबाइल फ्रेंडली डिज़ाइन
- सही हेडिंग स्ट्रक्चर (H1, H2, H3)
- मेटा टैग्स का उपयोग
- इमेज ऑप्टिमाइजेशन
- ऑफ-पेज ऑप्टिमाइजेशन
- उच्च गुणवत्ता वाले बैकलिंक्स
- ब्लॉग पोस्ट और गेस्ट पोस्ट
- सोशल मीडिया सिग्नल्स
- डायरेक्टरी सबमिशन
- टेक्निकल SEO
- वेबसाइट की क्रॉलेबिलिटी और इंडेक्सेबिलिटी सुधारना
- साइटमैप और robots.txt सेटअप
- स्ट्रक्चर्ड डेटा (Schema Markup) का उपयोग
- लोकल SEO
- गूगल माय बिज़नेस प्रोफ़ाइल का अनुकूलन
- स्थानीय कीवर्ड्स का प्रयोग
- रिव्यू और रेटिंग प्रबंधन
- कंटेंट स्ट्रेटजी
उनका मानना है – Content is the King.
इसलिए वे ग्राहकों के लिए ऐसा कंटेंट तैयार करवाते हैं जो न केवल SEO फ्रेंडली हो बल्कि पाठकों को भी मूल्य प्रदान करे।
उपलब्धियाँ और योगदान
सुभाष शेखर की मेहनत और लगन ने उन्हें कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दिलाई हैं –
- स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान: उन्होंने झारखंड के कई व्यवसायों को ऑनलाइन पहचान दिलाई और बाद में कई राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों के साथ भी काम किया।
- हजारों कीवर्ड्स को गूगल के पहले पेज पर रैंक कराया।
- स्टार्टअप्स को डिजिटल सफलता दिलाई: कई स्टार्टअप्स जो शुरू में गुमनाम थे, सुभाष की SEO रणनीतियों से लोकप्रिय हुए।
- ट्रेनिंग और मार्गदर्शन: वे डिजिटल मार्केटिंग और SEO सीखने वाले युवाओं को प्रशिक्षण भी देते हैं, जिससे रांची ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड के युवा लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यशैली और विचारधारा
सुभाष शेखर की कार्यशैली बेहद पेशेवर और आधुनिक है। वे हमेशा डेटा-ड्रिवन अप्रोच अपनाते हैं। उनके अनुसार:
- SEO का हर निर्णय आँकड़ों और विश्लेषण पर आधारित होना चाहिए।
- गूगल के एल्गोरिदम अपडेट्स को समय-समय पर समझना और उसी के अनुसार रणनीति बदलना ज़रूरी है।
- ग्राहक को केवल रैंकिंग ही नहीं, बल्कि कन्वर्ज़न और ROI (Return on Investment) पर भी ध्यान देना चाहिए।
उनकी सोच है कि SEO केवल गूगल पर रैंकिंग बढ़ाने का साधन नहीं, बल्कि किसी भी व्यवसाय की डिजिटल ब्रांडिंग का अहम हिस्सा है।
प्रेरणा और नेतृत्व
सुभाष का मानना है कि डिजिटल दुनिया में सफलता पाने के लिए तीन चीज़ें ज़रूरी हैं –
- लगातार सीखते रहना
- परिवर्तन को स्वीकार करना
- ग्राहक को सर्वोच्च प्राथमिकता देना
वे झारखंड के युवाओं को प्रोत्साहित करते हैं कि वे डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में आगे आएँ और अपने राज्य का नाम रोशन करें।
भविष्य की योजनाएँ
सुभाष शेखर का लक्ष्य है कि आने वाले समय में –
- झारखंड को डिजिटल हब के रूप में स्थापित किया जाए।
- और अधिक स्टार्टअप्स और उद्यमियों को SEO और डिजिटल मार्केटिंग की शक्ति से जोड़कर उन्हें आगे बढ़ाया जाए।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाओं का विस्तार किया जाए।
- युवाओं को ऑनलाइन रोजगार और फ्रीलांसिंग की दिशा में प्रेरित किया जाए।
रांची के युवा SEO विशेषज्ञ सुभाष शेखर की कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता की नहीं है, बल्कि यह उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर दृढ़ निश्चय, मेहनत और सही दिशा हो, तो कोई भी डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बना सकता है।
आज वे न केवल अपने ग्राहकों की वेबसाइट्स को गूगल पर ऊँचे स्थान पर पहुँचा रहे हैं, बल्कि झारखंड को भी डिजिटल मानचित्र पर एक अलग पहचान दिला रहे हैं।
Contact: +91-9472799981
editor@localkhabar.com





