रांची: राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में 29 वर्षीय युवक को बंधक बनाकर करीब 12 घंटे तक बेरहमी से पीटने और हत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक देर रात आरोपियों के सोने के बाद कमरे के वेंटिलेटर (रोशनदान) से निकलकर भागने में सफल रहा। पीड़ित की शिकायत पर रातू थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बहला-फुसलाकर ले जाने और बंधक बनाने का आरोप
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, दुर्गा कॉलोनी (रवि स्टील, कमड़े) निवासी पीड़ित लक्ष्मण गोप (पिता स्व. कालू गोप) ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे वह कमड़े चौक पर सब्जी खरीदने गया था। सुबह करीब 11 बजे घर लौटने के दौरान शत्रुधन सिंह, उसके भगिना छोटू सिंह और प्रकाश गिरी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए।
आरोप है कि वहां ले जाकर तीनों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और बेल्ट, रसोई गैस के रबर पाइप तथा बांस के डंडों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर की गई इस पिटाई से युवक के पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।
कपड़े जलाने, नकदी छीनने और शव छिपाने की योजना का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि पिटाई के दौरान आरोपी आपस में उसकी हत्या करने और शव को सेप्टिक टैंक (लैट्रिन की टंकी) में डालकर ठिकाने लगाने की बातचीत कर रहे थे। लक्ष्मण गोप के अनुसार, आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसके कपड़े फाड़कर जला दिए। इसके अलावा उसका मोबाइल फोन, चांदी का ब्रेसलेट और जेब में रखे 550 रुपये भी छीन लिए।
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वेंटिलेटर के रास्ते जान बचाकर भागा पीड़ित
आवेदन में बताया गया है कि देर रात आरोपी उसे एक अन्य कमरे में बंद कर सोने चले गए। इस दौरान पीड़ित ने कमरे में रखी ईंटों को एक के ऊपर एक रखकर वेंटिलेटर तक पहुंचने का सहारा बनाया और रोशनदान के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
लक्ष्मण गोप ने पुलिस को बताया कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं। उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा जताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।












