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रांची जनता दरबार में तीन साल से लंबित दखल-दिहानी का समाधान, निराश्रित महिला को ऑन-द-स्पॉट पेंशन का लाभ

Ranchi: डीसी ऑफिस में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर त्वरित न्याय और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बना। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के हस्तक्षेप से तीन वर्षों से दखल-दिहानी के लिए भटक रहे दंपत्ति को समाधान मिला, वहीं लापुंग प्रखंड की एक निराश्रित महिला को ऑन-द-स्पॉट पेंशन स्वीकृति का लाभ दिया गया।

रांची जनता दरबार में त्वरित न्याय, तीन साल पुराना भूमि विवाद सुलझा, महिला को मिली पेंशन

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आयोजित जनता दरबार आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद समाधान मंच बनता जा रहा है। सोमवार को आयोजित जनता दरबार में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए दर्जनों फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं।

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हेहल अंचल के हेसल मौजा निवासी अनिल उरांव और नीलम उरांव पिछले तीन वर्षों से अपनी जमीन पर दखल-दिहानी के लिए प्रयासरत थे। पूर्व में जनता दरबार के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन के बाद अब उन्हें उनकी जमीन पर विधिवत दखल मिल गया। देर शाम करीब 7:30 बजे उपायुक्त से मुलाकात कर दंपत्ति ने समाधान के लिए आभार जताया।

कारण / पृष्ठभूमि

जिले में भूमि विवाद, दाखिल-खारिज में देरी और अतिक्रमण जैसी समस्याएं लंबे समय से आम लोगों को परेशान कर रही हैं। कई मामलों में आदेश पारित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पाती, जिससे नागरिकों को वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

जनता दरबार का उद्देश्य ऐसे ही लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

प्रशासन और सरकार की सख्त प्रतिक्रिया

लापुंग प्रखंड से आईं 50 वर्षीय दौलेत कुमारी ने जनता दरबार में बताया कि वे निराश्रित हैं, उनके पास हरा राशन कार्ड है, लेकिन किसी भी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। उपायुक्त श्री भजन्त्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। कुछ ही समय में पेंशन स्वीकृति प्रक्रिया पूरी कर प्रमाण-पत्र प्रदान कर दिया गया।

भूमि मामलों में सख्ती दिखाते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट कहा,
“जमीन से संबंधित वैध कागजात हैं तो जनता दरबार में आकर प्रस्तुत करें।”

ईटकी अंचल में भूदान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर अंचलाधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए। वहीं सिल्ली अंचल में दाखिल-खारिज में अनावश्यक देरी पर अंचलाधिकारी को फटकार लगाई गई।

अतिक्रमण और राजस्व मामलों पर कड़ा रुख

रातू रोड, पिस्का मोड़ नीलांचल कोठी रोड में आदेश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने के मामले में हेहल अंचलाधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने और “प्रपत्र-क” गठित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कर्मचारियों की रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं फील्ड विजिट कर दाखिल-खारिज, दोहरी जमाबंदी और पंजी-2 सुधार जैसे मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें।

जनता पर असर (Impact)

जनता दरबार के दौरान जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। मौके पर ही कई मामलों में स्थिति स्पष्ट की गई, जिससे लोगों को राहत मिली।

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित शिकायतों को भी तुरंत संबंधित विभाग को अग्रसारित किया गया। इससे आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

आगे क्या? (Next Update)

जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि जनता दरबार के माध्यम से लंबित और जटिल मामलों की नियमित समीक्षा जारी रहेगी। अंचल स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में भूमि विवाद और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के मामलों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

Conclusion | निष्कर्ष

रांची में आयोजित जनता दरबार ने एक बार फिर साबित किया कि संवेदनशील और सक्रिय प्रशासन से आम लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के नेतृत्व में त्वरित निर्णय और सख्त निर्देशों ने जनता को राहत और भरोसा दोनों दिया है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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