दोपहर दो बजे तीन जिला इकाइयों का संयुक्त कार्यक्रम; आदित्य साहू के शामिल होने की सूचना। पटना के बयान पर अमित शाह ने जताई आपत्ति, कांग्रेस ने कहा—वैचारिक पिता की ओर था इशारा।
रांची: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में की गई टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने रांची स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के घेराव की घोषणा की है। पार्टी की ओर से उपलब्ध कराई गई कार्यक्रम-सूचना के अनुसार, घेराव सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर दो बजे होगा।
भाजपा ने खरगे की टिप्पणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता के प्रति अभद्र टिप्पणी बताते हुए विरोध जताया है। कार्यक्रम रांची महानगर, रांची पूर्वी और रांची पश्चिमी जिले की भाजपा इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।
आदित्य साहू सहित वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
भाजपा की कार्यक्रम-सूचना के मुताबिक, घेराव में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। उपलब्ध सूचना में अन्य नेताओं के नाम और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा नहीं दी गई है।
पटना में खरगे ने क्या कहा था?
विवाद 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ। खरगे के भाषण के बीच दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने मोदी के सत्ता से नहीं जाने की बात कही। इसके जवाब में खरगे ने कहा—“मोदी का बाप भी जाएगा।”
रिपोर्ट के अनुसार, उस समय खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित गड़बड़ियों और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजने की बात कर रहे थे। इसी दौरान दर्शक की टिप्पणी पर उनकी प्रतिक्रिया आई।
अमित शाह ने लगाया मर्यादा लांघने का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पिता के बारे में अभद्र भाषा इस्तेमाल कर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन किया है।
शाह ने कांग्रेस पर पहले भी प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी की भाषा को उसकी राजनीतिक हताशा से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। ये आरोप शाह की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं।
कांग्रेस की सफाई—संघ नेतृत्व की ओर था इशारा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने खरगे का बचाव करते हुए दावा किया कि उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री के स्वर्गीय पिता के लिए नहीं थी। खेड़ा के अनुसार, खरगे का आशय मोदी के “वैचारिक पिता” के रूप में संघ और उसके नेतृत्व से था। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान खरगे को उकसाए जाने का भी आरोप लगाया।
वहीं, कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने बयान का बचाव करते हुए इसे बोलचाल की अभिव्यक्ति बताया और भाजपा की आपत्ति पर सवाल उठाए।
बीच में बोलने वाले व्यक्ति ने भी रखा अपना पक्ष
कार्यक्रम में बीच में बोलने वाले संतोष कुमार ने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना है कि उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई। संतोष के अनुसार, उनका आशय था कि बड़े आंदोलन के बिना मोदी सरकार नहीं हटेगी। इस तरह बातचीत के संदर्भ को लेकर संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
पटना में शिकायत, रांची में घेराव की तैयारी
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्णा सिंह कल्लू ने पटना के कोतवाली थाने में खरगे के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। भाजपा ने 26 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा भी की है। उपलब्ध रिपोर्ट में लिखित शिकायत देने की जानकारी है; प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं है।
इसी विवाद को लेकर रांची में कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
रांची के कार्यक्रम का विवरण भाजपा की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना पर और पटना के घटनाक्रम का विवरण संबंधित समाचार रिपोर्टों पर आधारित है।














