कांग्रेस ने बयान के संदर्भ पर सफाई दी है। पटना में लिखित शिकायत के बीच भाजपा ने 26 अक्टूबर को प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन की घोषणा की है।
पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के स्वर्गीय पिता का अपमान बताया है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि खरगे का इशारा संघ नेतृत्व की ओर था। मामले में पटना के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी गई है।
भाषण के दौरान हुई टिप्पणी
खरगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने मोदी के सत्ता से नहीं जाने की बात कही। इस पर खरगे ने जवाब दिया—“मोदी का बाप भी जाएगा।”
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित गड़बड़ियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे थे।
अमित शाह ने बयान को बताया अमर्यादित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी की आलोचना करते हुए खरगे पर प्रधानमंत्री के पिता के प्रति अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी पहले भी प्रधानमंत्री तथा उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करती रही है।
कांग्रेस की सफाई और दर्शक का अलग पक्ष
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि खरगे का आशय प्रधानमंत्री के स्वर्गीय पिता से नहीं, बल्कि उनके वैचारिक पिता के रूप में संघ नेतृत्व से था। खेड़ा ने कार्यक्रम के दौरान खरगे को उकसाए जाने का भी आरोप लगाया।
दूसरी ओर, बीच में बोलने वाले संतोष कुमार ने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, संतोष का कहना है कि उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई। उनका आशय था कि बड़े आंदोलन के बिना मोदी सरकार नहीं हटेगी। इस तरह कार्यक्रम में हुई बातचीत के संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
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शिकायत के बाद प्रदर्शन की घोषणा
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्णा सिंह कल्लू ने पटना के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी है। भाजपा ने 26 अक्टूबर को देश के सभी प्रदेश मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा भी की है।














