Ranchi | फिल्म निर्देशक और निर्माता लाला विजय नाथ शाहदेव ने आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने निशा भगत की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच और घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों ने जिस प्रक्रिया का पालन किया, उसकी समीक्षा की मांग की है।
शाहदेव ने अपने बयान में निशा भगत को झारखंड की मुखर आवाज बताया। उन्होंने कहा कि निशा ने कई बार संदेश भेजकर उनसे मिलने की इच्छा जताई थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उनके निधन की खबर के बाद आमने-सामने बातचीत न हो पाने का अफसोस और गहरा गया है।
घटनास्थल पर पुलिस ने क्या प्रक्रिया अपनाई, इसकी समीक्षा की मांग
शाहदेव ने घटना से जुड़े बताए जा रहे दृश्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनमें शव को संभालने के दौरान बरती गई सावधानियों को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि यदि दृश्य घटनाक्रम को सही ढंग से दिखाते हैं, तो पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण, आपात स्थिति में काम करने की दक्षता और संवेदनशीलता की समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में मृतक की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिसकर्मियों को उचित प्रशिक्षण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। शाहदेव ने निशा भगत को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों व शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।














