रांची: झारखंड की आदिवासी महिला नेता निशा भगत की मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने संज्ञान लिया है। आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि आयोग जल्द ही झारखंड सरकार के संबंधित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब करेगा। आयोग का कहना है कि वह यह पता लगाएगा कि किन परिस्थितियों और कारणों से यह घटना हुई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आदिवासी महिला नेता निशा भगत ने अपनी मौत से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर अपनी बात रखी थी और कुछ लोगों पर नाम लेकर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद मामला चर्चा में आया। मामले को लेकर निशा भगत के पिता हंदू भगत ने रांची के पिठोरिया थाना में लिखित आवेदन देकर कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा के मुताबिक, आयोग घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी लेकर निष्पक्ष जांच और वास्तविक तथ्यों का पता लगाने का प्रयास करेगा। डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग आदिवासी समाज के हितों, सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और समाज के किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय, उत्पीड़न या अधिकारों के हनन की स्थिति में संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कदम उठाने के लिए तत्पर है।
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