खूंटी। जिला मुख्यालय स्थित आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला पर हमले के विरोध में आदिवासी और मसीही समाज के लोगों ने भगत सिंह चौक पर सड़क जाम कर दिया। घायल फादर को बेहतर इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले का समय, इस्तेमाल किया गया हथियार और इसके पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
एसपी ऋषभ गर्ग और एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे। एसपी के अनुसार, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले के अनुसंधान के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की जा रही है।
सीसीटीवी में दिखे युवक, पहचान की कोशिश जारी
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना रात करीब नौ बजे की प्रतीत हो रही है। हालांकि, समय को लेकर अलग-अलग जानकारी मिली है। वास्तविक समय निर्धारित करना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनके मुताबिक, फुटेज में दो से तीन युवक दिखाई दे रहे हैं। पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। पहचान और आगे की जांच के बाद ही हमले में उनकी संभावित भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

सुबह महिला ने घायल अवस्था में देखा था: फादर निकोलस
आरसी चर्च के फादर निकोलस के अनुसार, बुधवार सुबह स्कूल में किसी काम से पहुंची एक महिला ने फादर बेनेदिक्त बारला को खून से लथपथ देखा। महिला ने पारिस हाउस पहुंचकर चर्च के अन्य फादरों को इसकी जानकारी दी।
फादर निकोलस ने बताया कि शुरुआती जानकारी में घटना का समय बुधवार सुबह पांच से सात बजे के बीच बताया जा रहा था। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सूचना देने वाली महिला की पहचान और उसके स्कूल आने के कारण की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्कूल पहुंचे।
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चोट किस हथियार से लगी, अभी स्पष्ट नहीं
फादर बेनेदिक्त बारला का प्राथमिक उपचार करने वाले चिकित्सक डॉ. अखिलेश ने बताया कि उनके बाएं कान के नीचे गोलाकार जख्म है। उनके अनुसार, ऐसा जख्म गोली लगने या रॉड जैसी किसी वस्तु के घुसने से हो सकता है। फिलहाल, चोट किस हथियार से लगी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए अभी घटना को गोलीबारी के रूप में निश्चित तौर पर नहीं बताया जा सकता।
कार्यालय में बिखरा सामान, गलियारे में खून के निशान
चर्च के एक अन्य फादर के अनुसार, स्कूल कार्यालय के अंदर सामान बिखरा हुआ मिला। कार्यालय के सामने गलियारे में खून के निशान थे। उन्होंने खून के निशान पोंछकर साफ करने का प्रयास किए जाने की बात भी कही।
हालांकि, सामान किन परिस्थितियों में बिखरा और खून के निशान किसने तथा क्यों पोंछे, यह स्पष्ट नहीं है। फादर बेनेदिक्त का मोबाइल फोन भी घटनास्थल पर मिला है। पुलिस इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
चर्च की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, स्कूल में छुट्टी होने के कारण बच्चे हॉस्टल में नहीं थे। घटना के समय परिसर में कौन-कौन मौजूद था और फादर कार्यालय कब पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
हमले की खबर मिलने के बाद मसीही समुदाय के लोग स्कूल पहुंचने लगे। फिलहाल, हमलावरों की पहचान, हमले का कारण और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस का अनुसंधान जारी है।











