JLKM नेता की चेतावनी … JPSC कैंपस घुसकर करेंगे मुर्गी पालन

JLKM नेता की चेतावनी ... JPSC कैंपस घुसकर करेंगे मुर्गी पालन

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में बीते छह महीने से अध्यक्ष पद रिक्त है, जिससे राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस देरी के खिलाफ छात्रों में गहरा असंतोष है, जो अब आंदोलन का रूप ले चुका है।

JPSC चेयरमैन की नियुक्ति नहीं तो आंदोलन तेज

छात्र संगठनों ने सोशल मीडिया पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo नामक ट्विटर कैंपेन चलाया, जो दिनभर ट्रेंडिंग में बना रहा। हजारों छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों ने इस ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने सरकार पर दबाव डालते हुए मांग की कि जल्द से जल्द अध्यक्ष पद की नियुक्ति की जाए।

JPSC अध्यक्ष की नियुक्ति में हो रही देरी से सिविल सेवा, CDPO, फूड सेफ्टी ऑफिसर और सिविल जज जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के परिणाम अटके पड़े हैं। साथ ही, नई भर्तियों की प्रक्रिया भी ठप हो गई है, जिससे झारखंड के हजारों युवा असमंजस में हैं और अपने भविष्य की योजना नहीं बना पा रहे हैं।

JLKM नेता का अल्टीमेटम: JPSC भवन में होगा मुर्गी पालन!

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह विरोध सांकेतिक है, लेकिन अगर जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर JPSC अध्यक्ष की नियुक्ति शीघ्र नहीं की गई, तो आयोग के भवन में मुर्गी पालन और आलू-प्याज का गोदाम बनाया जाएगा, ताकि बेरोजगार छात्र खुद के लिए रोजगार का इंतजाम कर सकें।

इस प्रदर्शन को झारखंड लोकजन मोर्चा (JLKM) के अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो का समर्थन मिला है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि जल्द से जल्द इस मामले में उचित कदम उठाया जाए, ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न हो।

छात्रों की बढ़ती नाराजगी, सरकार कब जागेगी?

JPSC में नियुक्ति को लेकर जारी अनिश्चितता से झारखंड के हजारों छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है। अगर जल्द ही सरकार इस मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र हो सकता है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस दबाव के बीच क्या फैसला लेती है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाती है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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