Jharkhand Weather Update | झारखंड में मार्च के महीने में ही जेठ की तपिश का अहसास होने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने राज्यवासियों की चिंता बढ़ा दी है। जमशेदपुर और डाल्टनगंज जैसे शहरों में पारा 39 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री तक अधिक है। राजधानी रांची में भी सूरज के तेवर तल्ख हैं और यहां तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। अगर गर्मी की यही रफ्तार रही, तो आने वाले दिनों में लू (Heatwave) के थपेड़े जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकते हैं।
सरायकेला में सबसे बुरा हाल, 40 डिग्री के मुहाने पर तापमान
मौसम केंद्र रांची की ‘रियलाइज्ड वेदर रिपोर्ट’ के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सरायकेला राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9°C दर्ज किया गया। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में पारा 39.2°C रहा, जो सामान्य से 5.6°C ज्यादा है। वहीं, पलामू प्रमंडल के डाल्टनगंज में तापमान 39.0°C रिकॉर्ड हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी जल्दी तापमान में आई यह उछाल इस साल भीषण गर्मी के शुरुआती संकेत हैं।
रांची में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी: क्या ये ‘हीट आइलैंड’ का असर है?
आमतौर पर रांची को अपने खुशनुमा मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन शनिवार सुबह 10 बजे के आंकड़ों ने चौंका दिया है। रांची का अधिकतम तापमान 34.7°C पहुंच गया है। यह सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंक्रीट के बढ़ते जंगल और कम होती हरियाली की वजह से राजधानी अब ‘हीट आइलैंड’ बनती जा रही है। बोकारो थर्मल और चाईबासा में भी तापमान ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
सूखे की आहट? 24 घंटे में कहीं नहीं हुई बारिश
राज्य के लगभग सभी जिलों (बोकारो, देवघर, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, पाकुड़) में पिछले 24 घंटों के दौरान 000.0 mm बारिश दर्ज की गई है। यानी आसमान पूरी तरह साफ है और नमी का स्तर गिर रहा है। बारिश न होने और सीधी धूप पड़ने की वजह से जमीन तेजी से तप रही है। लोहरदगा और पाकुड़ जैसे इलाकों में भी तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी देखी गई है, जो खेती और जलस्तर के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
आम आदमी पर असर: स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अचानक बढ़े इस तापमान से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल फीवर का खतरा बढ़ गया है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
मौसम विभाग के आंकड़ों से साफ है कि झारखंड में इस बार गर्मी समय से पहले अपने चरम पर पहुंच सकती है। प्रशासन को अभी से पेयजल संकट और हीटवेव मैनेजमेंट प्लान पर काम शुरू करना होगा। अगर आने वाले एक हफ्ते में प्री-मानसून बारिश नहीं होती है, तो झारखंड के कई जिलों में पारा 42-43 डिग्री को पार कर सकता है।











