Ranchi | झारखंड पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के तबादले और पदस्थापन की सूची जारी कर दी है। इस फेरबदल में जहाँ कई अधिकारियों को फील्ड से हटाकर सीआईडी (CID) जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं में भेजा गया है, वहीं कई निरीक्षकों के तबादले के अनुरोध को मुख्यालय ने सिरे से खारिज (अस्वीकृत) कर दिया है।
इस आदेश के बाद राँची, जमशेदपुर, लातेहार और गोड्डा जैसे जिलों के पुलिस समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के आदेशानुसार जारी इस सूची में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी तत्काल अपने नए पदस्थापन स्थल के लिए प्रस्थान करें और अनुपालन प्रतिवेदन मुख्यालय को सौंपें।
किसे मिली नई कमान, कौन कहाँ गया?
जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, पुलिस महकमे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- दुलड़ चौड़े: लातेहार में तैनात महिला पुलिस निरीक्षक दुलड़ चौड़े का तबादला अब अपराध अनुसंधान विभाग (CID) में कर दिया गया है।
- सनोज कुमार चौधरी: चतरा में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक सनोज कुमार चौधरी को अब राजधानी राँची जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- फगुनी पासवान: अपराध अनुसंधान विभाग (राँची) में तैनात फगुनी पासवान को अब जमशेदपुर जिला भेजा गया है।
- विरेन्द्र कुमार सिंह: सीआईडी (राँची) से विरेन्द्र कुमार सिंह का तबादला कोडरमा जिले में किया गया है।
- जयश्री बानरा: गढ़वा में तैनात महिला पुलिस निरीक्षक जयश्री बानरा को चाईबासा जिले की कमान दी गई है।
- रणविजय शर्मा: राँची में तैनात रणविजय शर्मा को सी.टी.सी. मुसाबनी स्थानांतरित किया गया है।
- बिमल किण्डो: राँची से बिमल किण्डो को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) भेजा गया है।
मुख्यालय का सख्त रुख: कई आवेदन ‘अस्वीकृत’
इस तबादला सूची की सबसे बड़ी बात यह रही कि कई पुलिस निरीक्षकों ने अपने मनचाहे जिलों या इकाइयों में तबादले के लिए आवेदन दिया था, जिसे पुलिस मुख्यालय ने “अस्वीकृत” कर दिया है।
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), राँची में तैनात राजीव कुमार का तबादला आवेदन खारिज कर दिया गया है।
- इसी तरह गोड्डा की सोनी प्रताप, सी.टी.सी. मुसाबनी के महेन्द्र दास और पलामू के सुरेश कुमार मंडल के तबादले के अनुरोध को भी मुख्यालय ने स्वीकार नहीं किया है।
ग्राउंड रिपोर्ट: अपराध नियंत्रण और चुनावी तैयारियों पर असर?
जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल राज्य में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है। सीआईडी में अनुभवी अधिकारियों को भेजना यह संकेत देता है कि लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने की तैयारी है। साथ ही, संवेदनशील जिलों जैसे चतरा और लातेहार से अधिकारियों का इधर-उधर होना आगामी सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) द्वारा जारी इस आदेश में सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, एसएसपी राँची, धनबाद और जमशेदपुर समेत सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे इन अधिकारियों को अविलम्ब विरमित (Relieve) करें। आदेश में साफ है कि इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









