Khunti: रांची के तोरपा में खेल-खेल में हुआ एक बड़ा हादसा अब पूरे इलाके के लिए गहरा मातम बन चुका है। स्कूल से लौट रहे बच्चों को क्या पता था कि रास्ते में खड़ा एक लोहे का रथ उनकी जिंदगी छीन लेगा।
तोरपा थाना क्षेत्र के निधिवन रेस्टोरेंट के पास खड़े एक भारी-भरकम रथ को जब बच्चों ने खेल-खेल में धक्का देना शुरू किया, तो वह ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट इतनी तेजी से फैला कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस दर्दनाक झारखंड बिजली हादसा में दो मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद से पूरे तोरपा और रांची के सदर अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मची हुई है।
खेल का मैदान अचानक चीख-पुकार में बदला
तोरपा से ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे घर लौट रहे थे। निधिवन रेस्टोरेंट के पास एक सामाजिक-धार्मिक आयोजन का रथ खड़ा था। चश्मदीदों के अनुसार, 7 से 12 साल की उम्र के करीब आठ बच्चे वहां रुके और मनोरंजन के लिए रथ को आगे बढ़ाने लगे।
लोहे से बने इस ऊंचे रथ का ऊपरी हिस्सा सड़क पार कर रहे 11 हजार वोल्ट के नंगे तारों से छू गया। छूते ही एक जोरदार चिंगारी उठी और पूरा रथ इलेक्ट्रिक जोन में बदल गया।

अस्पताल से लाइव: परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को रथ से अलग किया और तुरंत तोरपा के स्थानीय अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत रांची सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद उरांव ने ग्राउंड पर मौजूद मीडियाकर्मियों को बताया:
“अस्पताल पहुंचने से पहले ही दो बच्चों की सांसें थम चुकी थीं। हमने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। बाकी छह बच्चों का इलाज हमारी स्पेशल मेडिकल टीम की देखरेख में चल रहा है। बर्न इंजरी गंभीर है, लेकिन हम उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”
प्रशासन की कार्रवाई और स्थानीय लोगों का आक्रोश
हादसे की खबर फैलते ही तोरपा डीएसपी, स्थानीय थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत बिजली विभाग से संपर्क कर इलाके की पावर सप्लाई कटवाई।
जनता के तीखे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों और सड़कों के ऊपर से गुजरने वाले हाई-टेंशन तारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को कई बार इन ढीले तारों को ठीक करने के लिए कहा गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, सड़क किनारे इतने दिनों से बिना सुरक्षा के खड़े इस भारी रथ के मालिकों पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। तोरपा पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या रथ को वहां खड़ा करने की अनुमति थी और क्या बिजली विभाग की तरफ से तारों की ऊंचाई को लेकर कोई लापरवाही बरती गई है। फिलहाल पहली प्राथमिकता झुलसे हुए छह बच्चों की जान बचाना है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।











