हजारीबाग (विष्णुगढ़): झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 साल की मासूम की मौत के मामले ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जिस घटना को अब तक गैंगरेप और हैवानियत मानकर पूरा इलाका सुलग रहा था, उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी थ्योरी को पलट कर रख दिया है। मेडिकल रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि बच्ची के साथ कोई ‘जैविक दुष्कर्म’ नहीं हुआ था और न ही उसके अंग काटे गए थे। तो फिर सवाल उठता है कि आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था जिसे छिपाने के लिए एक मासूम का गला घोंट दिया गया? पुलिस की सुई अब ‘अवैध संबंधों’ और एक ‘बड़े राज’ की ओर घूम गई है।
आखिर उस रात मासूम ने क्या देख लिया था?
ग्राउंड जीरो से मिल रही जानकारी के अनुसार, पुलिस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि क्या बच्ची की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके अपनों या जान-पहचान वालों ने ही की है? सूत्रों का दावा है कि 24-25 मार्च की रात जब पूरा गांव मंगला जुलूस में डूबा था, तब बच्ची अचानक घर लौट आई थी। आशंका जताई जा रही है कि उसने घर में कुछ ऐसा देख लिया था जिसे ‘राज’ रहना ही जरूरी था। उस राज को दफन करने के लिए ही मासूम की सांसें रोक दी गईं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: अफवाहों पर लगाम, सच आया सामने
विष्णुगढ़ के इस मामले में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर आंखें निकालने और जीभ काटने जैसी बर्बरता की खबरें वायरल थीं। लेकिन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
- मौत का कारण: दम घुटना और सांस रुकना (Asphyxia)।
- दुष्कर्म की पुष्टि नहीं: मेडिकल रिपोर्ट में जैविक दुष्कर्म के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
- अंगों के साथ छेड़छाड़: रिपोर्ट के अनुसार अंगों को क्षति पहुंचाने की बातें अफवाह साबित हुई हैं।
अवैध संबंध और ‘सियासी’ कनेक्शन की आहट
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक महिला समेत आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। चर्चा है कि इस हत्याकांड के तार अवैध संबंधों से जुड़े हैं। जिस महिला को मेडिकल जांच के बाद गुप्त स्थान पर ले जाया गया है, उसके दो लोगों के साथ संबंध होने की बात सामने आ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें एक रसूखदार व्यक्ति का नाम भी जुड़ रहा है जिसका संबंध राजनीतिक दल से बताया जा रहा है। क्या इसी राजनीतिक रसूख के कारण घटना को ‘सामूहिक दुष्कर्म’ का रंग देकर भटकाने की कोशिश की गई थी?
प्रशासन सख्त, एक-दो दिन में होगा बड़ा खुलासा
हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने खुद पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है और स्वास्थ्य जांच भी कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच अंतिम चरण में है।
अधिकारी का बयान: “हम भावनाओं पर नहीं, वैज्ञानिक तथ्यों पर काम कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने दिशा साफ कर दी है। अगले 24 से 48 घंटों में हम दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे।”










