हजारीबाग (झारखंड)। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सरौनी गांव में हाथियों के आतंक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। देर रात हाथियों के एक झुंड ने गांव में घुसकर एक दंपती पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
यह घटना देर रात उस समय हुई जब गांव के लोग अपने घरों में थे। अचानक हाथियों के झुंड के गांव में प्रवेश करते ही अफरातफरी मच गई और देखते ही देखते एक परिवार इस हमले की चपेट में आ गया।
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय सरौनी गांव की ओर से तेज आवाजें सुनाई देने लगीं। कुछ ही पलों में हाथियों का झुंड खेतों और कच्चे रास्तों को रौंदता हुआ गांव के भीतर पहुंच गया। इसी दौरान आदित्य राणा और उनकी पत्नी हाथियों के सामने आ गए।
हाथियों ने अचानक हमला कर दिया। आदित्य राणा को संभलने का मौका नहीं मिला और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल अवस्था में जमीन पर गिर पड़ीं। हाथियों के तांडव से पूरे गांव में भय का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने दिखाया साहस, महिला को बचाया
हमले के बाद ग्रामीणों ने जोखिम उठाते हुए किसी तरह घायल महिला को हाथियों से दूर किया। इसके बाद उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है, लेकिन खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते महिला को बाहर नहीं निकाला जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
घटना की पृष्ठभूमि और बढ़ता मानव-हाथी संघर्ष
सरौनी गांव और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों से हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। जंगलों से सटे गांवों में भोजन और पानी की तलाश में हाथी अक्सर रात के समय प्रवेश कर जाते हैं।
वन क्षेत्रों में घटता जंगल, खनन गतिविधियां और मानव बस्तियों का विस्तार मानव-हाथी संघर्ष को और गंभीर बना रहा है। यही कारण है कि हजारीबाग जिले में हाथियों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
प्रशासन और वन विभाग की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग ने इलाके में हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए अतिरिक्त गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
ग्रामीणों में भय, सुरक्षा व्यवस्था की मांग
घटना के बाद सरौनी गांव सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि गांव के आसपास नियमित पेट्रोलिंग की जाए और हाथियों को जंगल की सीमा में ही रोका जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक इस तरह की घटनाएं दोहराने का खतरा बना रहेगा।
आगे क्या? प्रशासन की अगली कार्रवाई
वन विभाग द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने, अलर्ट सिस्टम मजबूत करने और ग्रामीणों को सतर्क करने की योजना पर काम किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से जल्द ही प्रभावित इलाकों में विशेष टीम तैनात किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए ट्रैकिंग और सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया जाएगा, ताकि समय रहते ग्रामीणों को चेतावनी दी जा सके।
हजारीबाग के सरौनी गांव में हाथियों का यह हमला एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करता है। एक व्यक्ति की जान जाना और एक महिला का गंभीर रूप से घायल होना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि स्थायी समाधान जल्द जरूरी है।








