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IIT Admission Without JEE: बिना जेईई परीक्षा के ऐसे पाएं IIT में एडमिशन

बिना JEE परीक्षा के देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में कदम रखना अब केवल एक सपना नहीं रह गया है। अगर आपके भीतर क्रिएटिविटी और कुछ नया डिजाइन करने का जुनून है, तो आपके लिए एक सीधा और शानदार रास्ता खुला है।

आमतौर पर माना जाता है कि IIT में एंट्री का मतलब केवल JEE Main और Advanced की कठिन दीवार को पार करना है। लेकिन देश के 6 बड़े IIT संस्थान अब छात्रों को बिना JEE स्कोर के भी 4 साल का फुल-टाइम डिग्री कोर्स करने का मौका दे रहे हैं, जिसे BDes (बैचलर ऑफ डिजाइन) कहा जाता है।

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अगर आपकी रुचि आर्ट्स, विजुअल थिंकिंग, प्रोडक्ट डिजाइन या मोबाइल-वेबसाइट के यूजर इंटरफेस (UI) को चमकाने में है, तो यह खबर आपके भविष्य को एक नया मोड़ दे सकती है। आइए ग्राउंड जीरो से समझते हैं कि IIT Admission Without JEE का यह पूरा गणित और प्रोसेस आखिर क्या है।

क्या है IIT का BDes कोर्स और क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज?

बैचलर ऑफ डिजाइन (BDes) कोई पारंपरिक कोर्स नहीं है। ग्राउंड पर करियर काउंसलर्स और शिक्षा विशेषज्ञों से बातचीत में यह साफ हुआ है कि आज की डिजिटल इकोनॉमी में इस कोर्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है। यह 4 साल का एक अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम है जो आर्ट्स, क्रिएटिव थिंकिंग और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है।

इस कोर्स के दौरान छात्रों को विजुअल थिंकिंग, गेम डिजाइन, प्रोडक्ट डिजाइन और यूजर इंटरफेस जैसी इंडस्ट्री-रेडी चीजें सिखाई जाती हैं। देश के 6 टॉप इंस्टीट्यूट—IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT गुवाहाटी, IIT हैदराबाद, IIT इंदौर और IIT रुड़की इस प्रीमियम कोर्स को संचालित कर रहे हैं।

[IIT कैंपस में डिजाइनिंग लैब और प्रैक्टिकल करते छात्रों की तस्वीर यहाँ देखें]

Iit कैंपस में डिजाइनिंग लैब और प्रैक्टिकल करते छात्रों की तस्वीर
IIT कैंपस में डिजाइनिंग लैब और प्रैक्टिकल करते छात्रों की तस्वीर (AI Genereted)

JEE नहीं, तो किस परीक्षा से मिलेगी एंट्री? जानिए पूरा प्रोसेस

अगर इस कोर्स में JEE स्कोर की जरूरत नहीं है, तो फिर चयन कैसे होता है? इसके लिए IIT बॉम्बे हर साल एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है, जिसे UCEED (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) कहा जाता है।

एक्सपर्ट टिप: UCEED परीक्षा में आपकी रट्टा मारने की क्षमता नहीं, बल्कि आपकी विजुअल डिजाइनिंग एबिलिटी, ड्रॉइंग स्किल्स और लॉजिकल रीजनिंग (तार्किक क्षमता) को परखा जाता है। यानी अगर आपका दिमाग लीक से हटकर सोचता है, तो आप इस परीक्षा को आसानी से क्रैक कर सकते हैं।

योग्यता का पूरा समीकरण: कौन से छात्र कर सकते हैं अप्लाई?

इस कोर्स की सबसे खूबसूरत बात इसकी फ्लेक्सिबिलिटी है। हालांकि, आवेदन करने से पहले आपको उम्र और पासिंग ईयर के नियमों को ध्यान से समझ लेना चाहिए:

  • 12वीं पासिंग ईयर: जो छात्र साल 2027 की परीक्षा में बैठना चाहते हैं, उनका 12वीं (या समकक्ष) 2026 या 2027 में पास होना जरूरी है।
  • उम्र सीमा: जनरल, EWS और OBC-NCL कैटेगरी के उम्मीदवारों का जन्म 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद का होना चाहिए। वहीं SC, ST और PwD कैटेगरी के छात्रों को उम्र में 5 साल की बड़ी छूट मिलती है, यानी उनका जन्म 1 अक्टूबर 1996 या उसके बाद का होना चाहिए।

स्ट्रीम का खेल: आर्ट्स और कॉमर्स वाले कहाँ जा सकते हैं?

मैदान पर अक्सर छात्र इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्या बिना साइंस के IIT मुमकिन है? इसका जवाब है—हाँ!

  • साइंस स्ट्रीम (PCM): फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स वाले छात्र सभी 6 IITs की सीटों के लिए दावा ठोक सकते हैं।
  • आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम: इन स्ट्रीम्स के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन वे केवल 4 संस्थानों—IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT हैदराबाद और IIT इंदौर के लिए ही एलिजिबल माने जाते हैं।

6 IITs में सीटों का गणित: कहाँ कितनी हैं ओपन सीटें?

सीटों की संख्या भले ही सीमित दिखती हो, लेकिन इस फील्ड में कंपटीशन पारंपरिक इंजीनियरिंग के मुकाबले काफी अलग और सटीक होता है। ओपन (General) कैटेगरी के लिए सीटों का विवरण इस प्रकार है:

IIT संस्थान का नामओपन कैटेगरी की सीटें
IIT गुवाहाटी22
IIT दिल्ली14
IIT हैदराबाद12
IIT रुड़की8
IIT बॉम्बे7
IIT इंदौर6

नोट: इन ओपन सीटों के अलावा, सरकारी नियमों के मुताबिक EWS, OBC-NCL, SC, ST और PwD कैटेगरी के छात्रों के लिए अलग से सीटें आरक्षित (Reserved) की गई हैं।

मानव अनुपात और परिप्रेक्ष्य (perspective) का अभ्यास. Source: shiksha. Com
मानव अनुपात और परिप्रेक्ष्य (Perspective) का अभ्यास. Source: Shiksha.com

1. मुख्य स्तंभ (The Core Pillars of UCEED Sketching)

UCEED में केवल अच्छी ड्राइंग बनाना काफी नहीं है, बल्कि आपकी सोच और तकनीकी पकड़ मायने रखती है। परीक्षा की तैयारी करते समय इन 4 चीज़ों पर ध्यान दें:

  • परिप्रेक्ष्य (Perspective): 1-पॉइंट, 2-पॉइंट और 3-पॉइंट पर्सपेक्टिव का ज्ञान। ज़्यादातर सवाल मछली की आँख के नज़रिए (Bird’s eye view) या चींटी के नज़रिए (Worm’s eye view) से किसी दृश्य को बनाने के आते हैं।
  • मानव अनुपात (Human Proportion): मानव आकृतियों को सही अनुपात में बनाना (जैसे कि 7.5 या 8 हेड रूल)।
  • रोशनी और छाया (Light & Shadow): दृश्य में प्रकाश का स्रोत (Source of light) कहाँ है, और उसके हिसाब से छाया कहाँ गिरेगी, इसका सटीक अंदाज़ा।
  • विवरण (Detailing & Texture): कपड़ों की सिलवटें, ज़मीन की बनावट, लकड़ी या कांच का टेक्सचर दिखाना।

2. दैनिक अभ्यास दिनचर्या (Daily Practice Routine)

एक सफल UCEED एस्पिरेंट (छात्र) की रोज़ की तैयारी कुछ इस तरह दिखनी चाहिए:

समय (दैनिक)गतिविधि (Activity)मुख्य उद्देश्य (Goal)
30 मिनटफ्री-हैंड लाइन्स और शेप्सहाथ के मूवमेंट को स्मूथ और लचीला बनाना।
45 मिनटलाइव स्केचिंग (Live Sketching)अपने आस-पास बैठे लोगों, चाय की दुकान या कमरे के कोने को लाइव देखकर ड्रा करना।
1 घंटामेमोरी ड्राइंग (Memory Drawing)किसी पुरानी घटना या काल्पनिक दृश्य (उदा. “एक व्यस्त रेलवे स्टेशन का दृश्य”) को याद करके कागज़ पर उतारना।
30 मिनटसमयबद्ध अभ्यास (Timed Mock)स्टॉपवॉच लगाकर 30 मिनट के अंदर एक पूरा स्केच खत्म करने की आदत डालना।

3. स्केचिंग टूलकिट (Essential Tools)

महत्वपूर्ण नोट: UCEED परीक्षा में रंग भरने (Coloring) की अनुमति नहीं होती है। आपको केवल पेंसिल का उपयोग करना होता है। इसलिए आपकी टूलकिट सटीक होनी चाहिए:

  • पेंसिल सेट: H (हल्की आउटलाइन के लिए), HB (बेसिक ड्राइंग), 2B/4B (शेडिंग), और 6B/8B (गहरी छाया और कंट्रास्ट के लिए)।
  • इरेज़र: एक सामान्य इरेज़र और एक नीडेड इरेज़र (Kneaded Eraser) जिससे स्केच खराब किए बिना हाइलाइट्स दी जा सकें।
  • शार्पनर/कटर: पेंसिल की नोक को अपनी ज़रूरत के हिसाब से बारीक या चपटा रखने के लिए।

सफलता के लिए 4 स्टेप प्रोसेस

यदि आप किसी कठिन दृश्य को स्केच कर रहे हैं, तो हमेशा इस क्रम का पालन करें:

1.वायरफ्रेम और ब्लॉक-इन (Wireframe):पहला स्टेप (0-5 मिनट).

हल्की पेंसिल (HB) से पूरे कंपोज़िशन का एक बुनियादी ढांचा बनाएं। तय करें कि कौन सी चीज़ कहाँ आएगी (Composition & Framing)।

2.परिप्रेक्ष्य सेट करना (Perspective Grid):दूसरा स्टेप (5-10 मिनट).

वैनिशिंग पॉइंट्स (Vanishing Points) तय करें और हल्की गाइडलाइन्स खींचें ताकि इमारतें, टेबल या वस्तुएं टेढ़ी-मेढ़ी न दिखें।

3.मानव आकृति और विवरण (Adding Elements):तीसरा स्टेप (10-25 मिनट).

अब मुख्य किरदारों (Humans) को जोड़ें। उनके हाव-भाव, कपड़े और दृश्य की अन्य मुख्य वस्तुओं को साफ़ और गहरी लाइनों से उभारें।

4.शेडिंग और फिनिशिंग (Shading & Texture):आखरी स्टेप (25-30 मिनट).

अंतिम 5 मिनट में रोशनी के हिसाब से शेडिंग करें। गहरी परछाइयों को 6B पेंसिल से डार्क करें ताकि स्केच में ‘डेप्थ’ (गहराई) नज़र आए।

अब आगे क्या: आपके लिए क्या है सही कदम?

अगर आप पारंपरिक कतार से अलग हटकर टेक और डिजाइनिंग की दुनिया में अपना बड़ा नाम बनाना चाहते हैं, तो यह सही समय है अपनी तैयारी को दिशा देने का। सिर्फ़ इंजीनियरिंग को ही IIT का एकमात्र रास्ता मानने की भूल न करें। आगामी UCEED परीक्षा के पैटर्न को समझें, पिछले सालों के पेपर्स खंगालें और अपनी स्केचिंग व विजुअल ऑब्जर्वेशन स्किल्स पर काम करना शुरू कर दें। देश के सबसे बेहतरीन माइंड्स के साथ पढ़ने का यह मौका बिना JEE के भी आपका इंतजार कर रहा है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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