Patna | बिहार की राजधानी पटना के जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Patna Airport) से एक ऐसी खबर आई है जिसने सुरक्षा इंतजामों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नए टर्मिनल भवन के एराइवल एरिया में अचानक भारी-भरकम टाइल्स टूटकर गिर गईं, जिससे वहां मौजूद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इस वाकये ने अब एक बड़े सियासी संग्राम का रूप ले लिया है।
पिलर नंबर 5 के पास मची अफरा-तफरी: चश्मदीदों की जुबानी
घटना एराइवल एरिया के पिलर संख्या 5 के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिलर पर लगी टाइल्स अचानक भरभरा कर नीचे गिर पड़ीं। ज़मीन पर गिरने से पहले ये टाइल्स पास लगी स्टील रेलिंग और डस्टबीन से टकराईं, जिससे इतनी ज़ोरदार आवाज़ हुई कि वहां मौजूद यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ सहम गए।
उस वक्त एराइवल एरिया में यात्रियों की काफी आवाजाही थी। अगर यह टाइल्स किसी यात्री या बच्चे के सिर पर गिरती, तो परिणाम घातक हो सकता था। फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित हिस्से को घेर दिया गया है।
तेजस्वी यादव का सीधा हमला: “आनन-फानन में उद्घाटन का नतीजा”
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एक्स (X) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा:
“पटना हवाई अड्डे की इमारत गिरना शुरू! बिहार चुनाव से पहले आनन-फ़ानन में अर्धनिर्मित टर्मिनल का उद्घाटन PM ने 29 मई 2025 को किया था। अब कुछ ही महीनों में टाइल्स गिरने लगी हैं। यह भ्रष्टाचार है या जल्दबाजी की भेंट चढ़ा विकास?”
तेजस्वी के इस ट्वीट ने चुनावी साल में बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है, जहां बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की क्वालिटी अब बहस का केंद्र बन गई है।
प्रशासन की सफाई: ‘मेंटेनेंस का काम चल रहा था’
मामला बढ़ता देख एयरपोर्ट डायरेक्टर सीपी द्विवेदी ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि एराइवल सेक्शन में नियमित मेंटेनेंस का काम चल रहा था और उसी दौरान एक टाइल गिर गई।
प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम:
- मेंटेनेंस एजेंसी को पूरे परिसर की वॉल और फ्लोर टाइल्स की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं।
- खामी वाली टाइल्स को तुरंत बदलने का निर्देश दिया गया है।
- संवेदनशील इलाकों में ‘चेतावनी बोर्ड’ लगा दिए गए हैं ताकि यात्री दूरी बनाए रखें।
विश्लेषण: क्या वाकई यह सिर्फ एक सामान्य मेंटेनेंस की घटना है?
एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जिसका उद्घाटन हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है, वहां के पिलर से टाइल्स का गिरना निर्माण सामग्री की गुणवत्ता (Quality Control) पर बड़ा सवाल है। क्या ठेकेदार और संबंधित एजेंसी ने काम पूरा करने की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की? यह सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पटना एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है।
आगे क्या?
फिलहाल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आंतरिक जांच की बात कही है। लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को ‘भ्रष्टाचार’ और ‘जनता की जान से खिलवाड़’ के तौर पर पेश कर रहा है। आने वाले दिनों में नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) से इस पर बड़ी रिपोर्ट मांगी जा सकती है।











