Patna | बिहार की राजधानी पटना में अपराधी बेखौफ हैं, तो पुलिस भी अब ‘फुल एक्शन’ मोड में नजर आ रही है। पटना के रामकृष्ण नगर स्थित ज्वेलरी शॉप से 20 लाख रुपये के गहने और नकदी लूटने वाले मुख्य आरोपी दिलीप कुमार का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने खुद इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और यह सवाल उठने लगा है कि क्या बिहार पुलिस ने अब अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत सीधा प्रहार शुरू कर दिया है।
रामकृष्ण नगर लूटकांड: पुलिस पर फायरिंग करना पड़ा भारी
बीते दिनों राजधानी के पॉश इलाके रामकृष्ण नगर में दिनदहाड़े एक बड़ी ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाया गया था। अपराधियों ने हथियार के बल पर 20 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसने पुलिसिया इकबाल पर सवालिया निशान खड़े कर दिए थे।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने जब अपराधी दिलीप कुमार को घेरने की कोशिश की, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें दिलीप गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
अपराधी दिलीप कुमार का काला इतिहास
मारे गए अपराधी दिलीप कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है। पुलिस के मुताबिक:
- लूट और डकैती: वह पटना और आसपास के जिलों में कई बड़ी लूट की घटनाओं का मास्टरमाइंड था।
- हथियारों का जखीरा: एनकाउंटर के बाद मौके से अवैध हथियार और लूट के कुछ सामान भी बरामद किए जाने की खबर है।
- दहशत का नाम: राजधानी में ज्वेलरी व्यापारियों के बीच दिलीप एक बड़े खौफ का पर्याय बन चुका था।
बिहार में ‘एनकाउंटर’ की बढ़ती रफ्तार
पिछले कुछ हफ्तों में बिहार के अलग-अलग जिलों से पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की खबरें तेज हुई हैं। इसे सीधे तौर पर अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा का बयान: “पुलिस अपराधियों को पकड़ने गई थी, लेकिन जब पुलिस पर जानलेवा हमला हुआ, तो आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
व्यापारियों में राहत, अपराधियों में दहशत
रामकृष्ण नगर की लूट के बाद पटना के सर्राफा व्यापारियों में गहरा रोष था। इस एनकाउंटर के बाद बाजार में एक सुरक्षा का भाव तो लौटा है, लेकिन सवाल वही है— क्या पुलिस की गोली ही अब अंतिम समाधान है? ग्राउंड रिपोर्ट की मानें तो आम जनता इस कार्रवाई को ‘ऑन द स्पॉट इंसाफ’ की तरह देख रही है।
बिहार पुलिस की अगली रणनीति
पुलिस अब दिलीप कुमार के बाकी गैंग मेंबर्स की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस के पास उन सफेदपोशों की भी लिस्ट है जो इन अपराधियों को पनाह देते थे।
- नेटवर्क पर प्रहार: लूट का माल कहां खपाया जाता था, इसकी जांच जारी है।
- जेल में बंद गुर्गों पर नजर: पुलिस जेल से ऑपरेट हो रहे गिरोहों पर भी सख्ती बरत रही है।
- सुरक्षा ऑडिट: ज्वेलरी शॉप्स और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी सर्विलांस को और मजबूत किया जा रहा है।
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