झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को लगा बड़ा झटका! JBVNL का नया टैरिफ जारी, जानें आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ?

Ranchi |: झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और असरदार खबर सामने आई है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया है। नियामक आयोग की मंज़ूरी के बाद अब राज्य में बिजली की दरें बदल गई हैं। जहाँ JBVNL ने 59% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, वहीं आयोग ने फिलहाल 6.12% की वृद्धि पर मुहर लगाई है। 1 अप्रैल 2026 से आपकी बिजली का बिल बदला हुआ नज़र आएगा।

क्या हुआ फैसला? प्रस्ताव 59% का और मंज़ूरी सिर्फ 6.12% की

​झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने JBVNL के उस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें दरों में आधे से ज़्यादा (59%) की बढ़ोतरी मांगी गई थी। आयोग ने ‘विवेकपूर्ण जाँच’ का हवाला देते हुए जनता को बड़ी राहत दी है, लेकिन इसके बावजूद प्रति यूनिट दरों में औसतन 6.12% का इजाफा तय कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट में अब बिजली बिल का हिस्सा बढ़ने वाला है।

घरेलू उपभोक्ताओं पर सीधा असर: ग्रामीण और शहरी दरों में बदलाव

​नए टैरिफ के मुताबिक, घरेलू (Domestic) श्रेणी में ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट बिजली महंगी हो गई है:

  • ग्रामीण उपभोक्ता: अब 6.70 रुपये के बजाय 7.20 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करेंगे।
  • शहरी उपभोक्ता: शहरी क्षेत्रों में दर 6.85 रुपये से बढ़ाकर 7.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
  • फिक्स्ड चार्ज: शहरी उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज 100 रुपये प्रति कनेक्शन/माह ही रखा गया है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सोलर और EV चार्जिंग को लेकर बड़ा फैसला: ‘टाइम ऑफ डे’ का गणित समझें

​आयोग ने पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों पर विशेष ध्यान दिया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों के लिए अब दो तरह की दरें होंगी:

  1. सोलर आवर्स (सुबह 9:00 से शाम 4:00): यहाँ दरें सस्ती होकर 7.00 रुपये/यूनिट रहेंगी।
  2. नॉन-सोलर आवर्स (बाकी समय): यहाँ आपको 8.70 रुपये/यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा। JBVNL ने इसके लिए 12 रुपये से ऊपर का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने जनहित में कम कर दिया है।

किसानों को बड़ी राहत, प्रीपेड मीटर पर 3% की छूट

​इस पूरे टैरिफ ऑर्डर में सबसे सुखद खबर किसानों के लिए है। कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वहीं, डिजिटल ट्रांजैक्शन और आधुनिक मीटरिंग को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने घोषणा की है कि जो उपभोक्ता Prepaid Meter पर स्विच करेंगे, उन्हें एनर्जी चार्ज पर 3% की सीधी छूट मिलेगी। साथ ही, प्रीपेड मीटर लगने के एक महीने के भीतर पुरानी सिक्योरिटी डिपॉजिट भी वापस कर दी जाएगी।

बिल चुकाने में देरी की तो नहीं मिलेगी 2% की ‘रिबेट’

​आयोग ने उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने का नया तरीका निकाला है। अगर आप बिल जारी होने के 5 दिनों के भीतर भुगतान करते हैं, तो आपको बिल राशि पर 2% का डिस्काउंट (Rebate) मिलेगा। इसके अलावा, अब बिजली कंपनियां किसी भी उपभोक्ता से ‘मीटर रेंट’ नहीं वसूल पाएंगी, जिसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

आगे क्या? सिस्टम में पारदर्शिता की तैयारी

​आयोग ने JBVNL को कड़ा निर्देश दिया है कि हर बिजली बिल पर CGRF (Consumer Grievance Redressal Forum) का विवरण देना अनिवार्य होगा। साथ ही, उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए ‘वर्चुअल मॉडल’ पर सुनवाई और हर महीने संवाद आयोजित करने को कहा गया है। आयोग का लक्ष्य बिलिंग प्रक्रिया को इतना सरल बनाना है कि एक आम आदमी भी इसे आसानी से समझ सके।

सुधार की ओर कदम या सिर्फ महंगाई?

​JBVNL ने वितरण घाटे (Distribution Loss) को 25% से ऊपर दिखाया था, लेकिन आयोग ने इसे कड़ाई से 13% पर सीमित कर दिया है। यह इस बात का संकेत है कि अब बिजली कंपनी को अपनी कार्यक्षमता सुधारनी होगी, न कि सारा बोझ जनता पर डालना होगा। 1 अप्रैल से लागू होने वाले ये नियम झारखंड की बिजली व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ेंगे।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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