Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) को लेकर मचे हाहाकार के बीच प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री ने देर शाम हाई-लेवल मीटिंग कर स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि ‘पैनिक बुकिंग’ और सर्वर अपग्रेडेशन ने खेल बिगाड़ा है। अगर आपके घर में भी सिलेंडर खत्म होने वाला है, तो घबराएं नहीं—प्रशासन ने अब इमरजेंसी के लिए ‘आधार कार्ड’ दिखाओ और ‘छोटा सिलेंडर’ पाओ वाली स्कीम के साथ कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कस दी है।
क्यों अटक रही है बुकिंग? IOCL सर्वर और पैनिक का ‘कॉकटेल’
रांची में इंडेन (IOCL) के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में सामने आया कि अचानक बढ़ी बुकिंग के बोझ से IOCL का सर्वर बैठ गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्वर अपग्रेडेशन का काम युद्धस्तर पर जारी है।
- सच्चाई: रांची में IOCL के करीब 1.5 लाख उपभोक्ता हैं।
- सप्लाई: रोजाना 10,500 सिलेंडर डिलीवर हो रहे हैं।
- समस्या: जरूरत से ज्यादा बुकिंग (Panic Booking) के कारण चेन प्रभावित हुई है।
- राहत: HPCL और BPCL रोजाना 2,000 सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से कर रहे हैं।
इमरजेंसी है? तो आधार कार्ड लेकर पहुंचें यहाँ
अगर आपका सिलेंडर खत्म हो गया है और खाना बनाने की किल्लत हो गई है, तो DC ने एक बड़ा विकल्प दिया है। HPCL और BPCL के 5 लीटर वाले छोटे सिलेंडर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कोई भी उपभोक्ता अपना आधार कार्ड दिखाकर तुरंत गैस प्राप्त कर सकता है। यह उन लोगों के लिए लाइफलाइन है जो बड़े सिलेंडर की रीफिलिंग का इंतजार नहीं कर सकते।
PNG कनेक्शन: अब अपार्टमेंट्स को नहीं होगी टेंशन
रांची के 24,000 घरों में पहले से ही पाइपलाइन (PNG) पहुंच चुकी है। GAIL के पदाधिकारियों ने बताया कि जिन अपार्टमेंट्स में लाइन बिछी है, वहां लोग टोल फ्री नंबर 18001231211 पर कॉल कर तुरंत कनेक्शन ले सकते हैं। इससे एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम होगी और लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं: ‘अबुआ साथी’ पर दें सूचना
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सीधे शब्दों में चेतावनी दी है— “अगर किसी ने अवैध भंडारण या कालाबाजारी की, तो जेल जाना तय है।” प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अगर कोई एजेंसी या बिचौलिया ज्यादा पैसे मांगे या स्टॉक छिपाए, तो तुरंत ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन नंबर 9430328080 पर इसकी जानकारी दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई होगी।
क्या अब हालात सुधरेंगे?
प्रशासन की इस मुस्तैदी के बाद उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में बुकिंग सिस्टम सामान्य हो जाएगा। मुख्य फोकस वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर है। हालांकि, जनता को भी समझना होगा कि जरूरत से ज्यादा सिलेंडर स्टोर करना दूसरों के चूल्हे को ठंडा कर सकता है। प्रशासन और तेल कंपनियों के बीच समन्वय अब इस संकट को खत्म करने की आखिरी उम्मीद है।









