Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसी कार्रवाई हुई है जिसने सेना के गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक हड़कंप मचा दिया है। रांची एयरपोर्ट के पास रक्षा भूमि (Defence Land) पर निर्माण कार्य के बदले ‘रंगदारी’ वसूलने वाले सेना के एक हवलदार और उसके रिश्तेदार को सीबीआई (CBI) ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
सीबीआई की रडार पर ‘डिजिटल सबूत’ सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) विंग ने हवलदार मुकेश कुमार राय और उसके सहयोगी दिनेश कुमार राय को गिरफ्तार करने के बाद उनके आवास पर घंटों छापेमारी की। जांच एजेंसी के हाथ कई अहम डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज लगे हैं। सीबीआई को संदेह है कि यह महज एक रिश्वत का मामला नहीं है, बल्कि सेना के भीतर “संगठित भ्रष्टाचार” (Organized Bribery) का एक बड़ा खेल चल रहा है, जिसका खुलासा जल्द हो सकता है।
5 लाख की डिमांड और सुदर्शन अपार्टमेंट का वो ‘अधूरा’ काम
पूरा मामला रांची के हटिया स्थित सिंहमोड़ निवासी ठेकेदार शिवम उर्फ बिशु की शिकायत से जुड़ा है। सेना भूमि पर बन रहे ‘सुदर्शन अपार्टमेंट’ की ढलाई और निर्माण कार्य को बिना बाधा पूरा करने के बदले हवलदार मुकेश कुमार राय ने 5 लाख रुपये की मोटी रकम मांगी थी।
- किस्त दर किस्त वसूली: ठेकेदार पहले ही 13 जनवरी को 50 हजार रुपये दे चुका था।
- दबाव का खेल: आरोपी हवलदार ने काम रोकने की धमकी देकर 1.5 लाख रुपये और मांगे थे।
- ट्रैप: बातचीत के बाद 50 हजार की दूसरी किस्त 30 जनवरी को देना तय हुआ, जहाँ सीबीआई ने पहले से ही जाल बिछा रखा था।
कौन है आरोपी हवलदार मुकेश कुमार राय?
मुकेश कुमार राय रांची हवाई अड्डे के पास स्थित रक्षा भूमि NOC R&O FLT यूनिट (56 APO) में तैनात है। एक रक्षक का भक्षक की भूमिका में आना सेना की छवि पर भी सवाल खड़े करता है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को शनिवार को रांची की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
विजुअल सजेशन: लेख के साथ सीबीआई मुख्यालय रांची के बाहर की तस्वीर और गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट ले जाते हुए वीडियो या फोटो का उपयोग करें।
आम आदमी पर असर: क्यों ये खबर आपके लिए जरूरी है?
यह खबर केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम में बैठे लोग आम बिल्डरों और ठेकेदारों को नियम-कानून के नाम पर कैसे प्रताड़ित करते हैं। अगर आपके पास भी केंद्र सरकार के किसी दफ्तर (रेलवे, सेना, बैंक, इंश्योरेंस या सीसीएल) में भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी है, तो आप चुप न रहें।
निष्कर्ष: क्या और चेहरे होंगे बेनकाब?
सीबीआई अब इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप से यह पता लगाया जाएगा कि इस रिश्वतखोरी के तार और किन बड़े अधिकारियों या बाहरी बिचौलियों से जुड़े हैं।
भ्रष्टाचार की शिकायत यहाँ करें: सीबीआई ने जनता से अपील की है कि वे डरें नहीं और भ्रष्टाचार की शिकायत 0651-2360093 या मोबाइल 9470590422 पर करें।








