Ranchi: झारखंड ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में 4th साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप (SAAF) 2025 का लोगो, मैस्कॉट और एंथम लॉन्च किया गया।
यह प्रतिष्ठित आयोजन 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक होगा, जिसमें भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका के करीब 300 एथलीट और 150 तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।
लोगो में झलकती झारखंड की जीवंत आत्मा’ और संस्कृति
SAAF का लोगो झारखंड की आत्मा, संस्कृति और खेल भावना का प्रतीक है। यह “The Land of Sports, Tribes, Culture and Nature” की थीम पर आधारित है।
हरे रंग की आभा राज्य के घने जंगलों और पारिस्थितिक समृद्धि को दर्शाती है, जबकि पारंपरिक जनजातीय कला और प्रतीक चिन्ह इसमें झारखंड की पहचान को जीवंत करते हैं। लोगो में खेल की ऊर्जा और संस्कृति का अद्भुत संगम नजर आता है।
मैस्कॉट ‘दलमा’ – जंगल की आत्मा, खेल की शक्ति
राज्य के प्रतीक पशु हाथी से प्रेरित मैस्कॉट ‘दलमा’ झारखंड की ताकत और सौम्यता का प्रतीक है।
इसके शरीर पर उकेरे गए सोहराय और खोवर टैटू जनजातीय कला की झलक पेश करते हैं। सफेद एथलेटिक पोशाक और तिरंगे रंग इसके हर कदम में एकता और गौरव का संदेश देते हैं।
‘डालमा’ सिर्फ एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि झारखंड की संस्कृति, शक्ति और खेल भावना की आत्मा है।

एंथम – परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम
इस अवसर पर प्रतियोगिता का आधिकारिक एंथम सॉन्ग भी लॉन्च किया गया, जो नागपुरी भाषा में रचित है।
गीत में मंदर, नगाड़ा और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनें और आधुनिक संगीत का बेहतरीन मेल है। इसका संदेश है —
“नए चैंपियंस झारखंड की धरती से उठेंगे।”
झारखंड सरकार के मंत्री ने किया अनावरण
समारोह में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल और युवा कार्य विभाग के माननीय मंत्री ने लोगो, मैस्कॉट और एंथम का अनावरण किया।
उन्होंने कहा,
“यह झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य दक्षिण एशिया के सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत करता है। यह आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति और खेल धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।”
भारत की मजबूत दावेदारी
भारत इस बार 81 सदस्यीय टीम के साथ मैदान में उतरेगा।
पिछली बार 2008 में कोच्चि में आयोजित तीसरे संस्करण में भारत ने 24 स्वर्ण, 19 रजत और 14 कांस्य पदक जीतकर समग्र चैंपियनशिप अपने नाम की थी।
इस बार भी भारतीय टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्ध है।
रांची बनेगा दक्षिण एशिया का खेल केंद्र
तीसरी बार भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है, और पहली बार झारखंड इसकी मेजबानी करेगा।
बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम पूरी तरह तैयार है। आधुनिक खेल अवसंरचना और झारखंड की खेल भावना इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए तैयार हैं।
यह आयोजन सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की एकता, उत्कृष्टता और सांस्कृतिक गर्व का उत्सव बनने जा रहा है।










