मुख्यमंत्री पशुधन योजना पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का बड़ा एक्शन – 80% लक्ष्य पूरा करने की सख्त डेडलाइन!

CM पशुधन योजना पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का बड़ा एक्शन – 80% लक्ष्य पूरा करने की सख्त डेडलाइन!

Ranchi: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। रांची के हेसाग स्थित पशुपालन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 20 फरवरी तक लक्ष्य का 80 प्रतिशत पशु वितरण हर हाल में पूरा किया जाए।

जिलावार प्रदर्शन पर मंत्री ने जताई असंतुष्टि

पशुपालन विभाग के निदेशालय के साथ जिलावार समीक्षा रिपोर्ट के दौरान मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लाभुकों का समय पर चयन और सूची तैयार न होने के कारण विभाग अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल हो रहा है। इसके समाधान के लिए लाभुक चयन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।

त्रुटियों को दूर करने और सुधार की योजनाएं

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पशुधन योजना में पाई गई त्रुटियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि समय रहते इन त्रुटियों को दूर करना आवश्यक है। इसके लिए राज्यादेश में आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि योजना का लाभ लाभुकों तक सुगमता से पहुंचे और किसी भी प्रकार की अड़चन न आए।

पशुपालन विभाग की 5 साल की योजना प्रस्तुत

बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित फार्म्स के अगले पांच वर्षों के विजन डॉक्यूमेंट को मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस दस्तावेज़ में विभाग की आगामी योजनाओं और लक्ष्यों का विस्तृत विवरण शामिल है, जिसे मंजूरी के लिए मंत्री को सौंपा गया।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इसके अलावा, विभागीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नियमित समीक्षा और समय पर निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री पशुधन योजना के अंतर्गत लाभुकों को समय पर लाभ पहुंचाने और विभागीय कार्य में तेजी लाने के लिए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का यह सख्त रुख योजनाओं को मजबूती प्रदान करेगा। इससे न केवल विभाग की प्रगति तेज होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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