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Ranchi

रांची में ANEICON 2026 शुरू, दर्द प्रबंधन कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण

Ranchi | होटल चाणक्य बीएनआर में एसोसिएशन ऑफ न्यूरोसाइंटिस्ट्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया (ANEI) का तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन ANEICON 2026 शुरू हुआ। आयोजकों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पहले दिन आयोजित डॉ. आर. प्रसाद मेमोरियल पेन इंटरवेंशन वर्कशॉप में 100 से अधिक प्रतिनिधियों को दर्द प्रबंधन और रीढ़ से जुड़े उपचार की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

सम्मेलन झारखंड न्यूरोसाइंसेज सोसाइटी (JNS) के वार्षिक सम्मेलन के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूर्वी भारत और देश के अन्य हिस्सों से न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, शोधकर्ता और चिकित्सक शामिल हो रहे हैं।

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दर्द प्रबंधन और रीढ़ से जुड़े उपचार पर प्रशिक्षण

पहले दिन की कार्यशाला में व्यावहारिक चिकित्सा प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, विशेषज्ञों ने लाइव प्रदर्शन के माध्यम से उपचार की तकनीकें समझाईं।

सत्र में न्यूरो-पैलिएटिव केयर, यानी तंत्रिका संबंधी बीमारियों में मरीजों के लक्षणों और तकलीफ को कम करने वाली देखभाल, तथा रीढ़ से जुड़ी उपचार प्रक्रियाओं की चुनौतियों पर चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने लंबे समय से बने रहने वाले तंत्रिका संबंधी दर्द के प्रबंधन, उन्नत निदान और कम चीर-फाड़ वाली उपचार तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला का केंद्र चिकित्सकों को उपचार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना रहा।

उद्घाटन समारोह में शामिल हुए संजय सेठ

उपलब्ध सामग्री के अनुसार, दिन के वैज्ञानिक सत्र के बाद होटल के बॉलरूम में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इसमें रांची के सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

आयोजकों के मुताबिक, सेठ ने झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण के लिए ANEI तथा JNS के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उन्नत निदान और उपचार तकनीकों की भूमिका पर जोर दिया।

इसे भी पढ़ें: अधिवक्ताओं के लिए शुरू हुई अनोखी स्वास्थ्य बीमा योजना, झारखंड बना देश का पहला राज्य

खोज, निदान और उपचार को जोड़ने पर केंद्रित सम्मेलन

सम्मेलन का मुख्य वैज्ञानिक विषय “न्यूरल ब्रिजेस: कनेक्टिंग डिस्कवरी, डायग्नोस्टिक्स एंड थेरेप्यूटिक्स” रखा गया है। इसका केंद्र न्यूरोसाइंस में खोज, बीमारी की पहचान और उपचार के बीच संबंध को मजबूत करना है।

आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार और डॉ. संजय कुमार तथा आयोजन सचिव डॉ. उज्जवल रॉय और डॉ. विराट हर्ष ने साझा बयान में कहा कि सम्मेलन के माध्यम से आधुनिक न्यूरोसाइंस की व्यावहारिक जरूरतों और मरीजों के उपचार को बेहतर बनाने वाले समाधानों पर चर्चा की जा रही है।

अगले दो दिनों में व्याख्यान और शोध प्रस्तुतियां

आयोजकों की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, अगले दो दिनों में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के विशेषज्ञों के मुख्य व्याख्यान होंगे। युवा न्यूरोवैज्ञानिकों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं और शोध-सार प्रस्तुतियां भी निर्धारित हैं।

इसके अलावा, पैनल चर्चाओं में उन्नत निदान तथा तकनीक आधारित उपचार के उपयोग का मूल्यांकन किया जाएगा। इन सत्रों का फोकस चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के बीच अनुभव तथा वैज्ञानिक जानकारी का आदान-प्रदान होगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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